मुख्यपृष्ठसंपादकीयरोखठोकरोख ठोक : देश अशांत; भटक रही राजनीति!

रोख ठोक : देश अशांत; भटक रही राजनीति!

संजय राऊत – कार्यकारी संपादक 

“वैश्विक नेताओं की भीड़ में हमारे प्रधानमंत्री मोदी सबसे आगे नजर आते हैं, यह गर्व की बात है। लेकिन देश में बेरोजगारी का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। पंजाब और कश्मीर अशांत हो गया है और राजनीति अलग ही दिशा में भटक रही है!” 

हमारे देश में मौजूदा राजनीति का जो खेल चल रहा है, उसे देखकर सजग जनता का मन कुंठित हो गया है। लोगों को भड़काना, उन्हें आग लगाने के लिए प्रेरित करना यही राजनीति है, ऐसा हमारे नेताओं को लगता है। आंध्र प्रदेश में परिवहन मंत्री पिनिपे विश्वरूप के घर को गुस्साए लोगों ने जला दिया। वजह क्या? तो नवगठित कोनासीमा जिले का नाम बदलकर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर कोनासीमा जिला रख दिया गया। इस पर लोग भड़क गए और मंत्री के घर में आग लगा दी। पूरे क्षेत्र में हिंसा और आगजनी शुरू है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम का इतना विरोध होना, इस पर मुझे हैरानी हो रही है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के नाम से यह देश खड़ा है और उनके नाम का विरोध होना, आश्चर्यजनक है। देश की नई पीढ़ी किस दिशा में जा रही है? ऐसे समय पर विश्व का मार्गदर्शन करनेवाले प्रधानमंत्री मोदी मौन हैं, इसका आश्चर्य है। किसी शहर का नामांतरण करने का अधिकार केंद्र के पास होता है। प्रस्ताव केंद्र के पास जाता है। उसके तहत कोनासीमा जिले का नामांतरण डॉ. आंबेडकर के नाम पर हुआ। फिर विरोध क्यों? औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर रखने की मांग पुरानी है। इस पर केंद्र सरकार क्यों निर्णय नहीं ले रही? संभाजीनगर के नामांतरण के मुद्दे को लेकर दंगे हों और उस आग में राजनीति की रोटियां सेंकी जाएं, क्या ऐसी किसी की मंशा है?

कश्मीर में हमले
जम्मू-कश्मीर प्रांत में हमेशा से आतंकवादियों के हमले शुरू हैं। श्रीनगर के सौरा क्षेत्र में मंगलवार को आतंकवादियों ने एक पुलिस कॉन्स्टेबल की गोली मारकर हत्या कर दी। इस हमले में पुलिस कर्मचारी की सात वर्ष की बेटी जख्मी हो गई। पुलिस कॉन्स्टेबल कश्मीरी पंडित नहीं था। उसका नाम सैफुल्लाह कादरी था। आतंकवादियों ने उसके घर में घुसकर गोली मार दी। इससे पहले पुलवामा में एक पुलिस उपाधीक्षक की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। कश्मीर घाटी में पिछले दो महीनों में १२ मुस्लिम पुलिस अधिकारी मारे गए हैं। यह वहां की सच्चाई है। हिंदू और मुसलमान की परवाह किए बिना कश्मीर घाटी में आतंकवादियों का खूनी खेल जारी है। जो लोग देश की तरफ हैं, उन्हें खत्म करना आतंकियों की नीति है। भाजपा को केवल एक समुदाय, एक धर्म का ही बलिदान दिखाई देता है। यह ‘राष्ट्रीय’ एकता का लक्षण नहीं है। देश के लिए बलिदान देनेवाले हिंदू का जितना सम्मान होता है, उतना ही सम्मान इस देश के लिए कुर्बानी देनेवाले मुसलमान का भी होना चाहिए।

सर्वाधिक बेरोजगारी
दुनिया में सबसे ज्यादा बेरोजगारी हिंदुस्थान में है। ऐसा विश्व अर्थशास्त्री कौशिक बसु ने स्पष्ट किया है। धार्मिक-जातीय ध्रुवीकरण ने देश की बुनियाद ही हिला दी है। हिंदुस्थान में इस समय बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती है। कौशिक के अनुसार बेरोजगारी दर २४ फीसदी तक पहुंच गई है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। पिछले सात वर्षों में देश में उद्योग बंद हो गए, नए उद्योग नहीं आए। देश में माहौल उद्योगों के लिए ठीक नहीं है। सरकार अपने चहेते उद्योगपतियों के लिए रास्ता खोल रही है। हवाई अड्डे से लेकर सार्वजनिक कंपनियों तक के सार्वजनिक उपक्रम उन्हीं उद्योगपतियों की जेब में ठूंस रही है। इसे विकास कैसे कहा जाए? इससे बेरोजगारी कैसे कम होगी? दुनिया में सबसे अधिक बेरोजगारी दर वाले देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी करते हैं और उस नाते वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर घूमते हैं तो आश्चर्य होता है। जापान में ‘क्वाड’ देशों की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी सहित दुनियाभर के प्रमुख नेता इकट्ठा हुए। वे सभी नेता चल रहे हैं और उसमें सबसे आगे हमारे प्रधानमंत्री मोदी हैं, यह तस्वीर हिंदुस्थान में प्रसिद्ध हुई, जो खुशी की बात है। लेकिन उसी वैश्विक मंच पर हमारी बेरोजगारी दर सबसे ज्यादा है, उसका क्या?

यह भी देखें
दो-चार मुद्दों पर पाठकों का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं और विषय को समाप्त करता हूं-
१) पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. विजय सिंगला को कैबिनेट से हटा दिया गया। प्रत्येक काम के टेंडर में एक प्रतिशत कमीशन मांगने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। एक प्रतिशत कमीशन मांगनेवाले मंत्री केवल एक महीने में निपट गए।
२) औरंगजेब की कब्र का मुद्दा भारतीय जनता पार्टी ने खोदकर निकाला है। बाबरी की तरह औरंगजेब की कब्र भी राष्ट्रीय अस्मिता का मुद्दा है तो भाजपा कुदाल-फावड़ा लेकर उस कब्र का बाबरी करने की हिम्मत दिखाए। हालांकि सच्चाई यह है कि औरंगजेब की कब्र भारत सरकार के पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आती है और अब यह कब्र पर्यटकों के लिए खोलने का निर्णय पुरातत्व विभाग ने लिया है। इस पर भाजपा मंडल का क्या कहना है?

३) ज्ञानवापी मस्जिद, ताजमहल, श्री कृष्ण जन्मभूमि और कुतुबमीनार के स्वामित्व को लेकर भाजपा के स्वेच्छाधारी हिंदुत्ववादियों ने नया विवाद शुरू कर दिया है। मुगलों का साम्राज्य दिल्ली और उसके आस-पास के इलाकों में ८०० वर्षों तक था। मुगलों से वे राज्य ब्रिटिशों ने लिया। ताजमहल, कुतुबमीनार मुगलों ने बनाए। उसके नीचे मंदिर थे, ऐसा अब संशोधन शुरू है। इस पर ‘मुगलों से इतना गुस्सा करते हो लेकिन मुगलों की पत्नियां कौन थी?’ ऐसा सवाल असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा। जोधाबाई अकबर की पत्नी थीं तो मस्तानी पराक्रमी बाजीराव की थी। शिवाजी महाराज ने कल्याण के सूबेदार की बहू को सम्मान के साथ वापस भेजा लेकिन आज देश की राजनीति से मानवता के नाते और सम्मान नष्ट हो गए हैं। अपने देश की राजनीति को हम मोड़ नहीं दे सके तो विश्व को क्या दिशा देंगे? देश में एकतरफा और एकछत्र राज है, लेकिन हर राज्य अपनी-अपनी राजनीति खेल रहा है। पंजाब और कश्मीर फिर से अशांत हो रहे हैं, लेकिन अन्य राज्य भी स्थिर न रहें इसके लिए केंद्र कोशिश कर रहा है तो यह देश कैसे बचेगा? दुनिया के नेताओं की फोटो में मोदी सबसे आगे इसकी सराहना करें या हम विश्व में बेरोजगारी में सबसे आगे होने का शोक मनाएं?

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