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संजय राऊत का धमाका जारी, विक्रांत फाइल्स! …सोमैया ने विक्रांत के नाम पर किया ५८ करोड़ रुपए का महाघोटाला

• दर्ज हो देशद्रोह का मामला!

सामना संवाददाता / मुंबई । शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत का धमाका जारी ही है। कल उन्होंने भाजपा के भ्रष्टाचार की ‘विक्रांत फाइल’ ओपन की, वह भी सबूतों के साथ। वर्ष १९७१ में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में पराक्रम दिखानेवाले ‘आईएनएस विक्रांत’ युद्धपोत के नाम पर भाजपा के किरीट सोमैया ने ५८ करोड़ रुपए का महाघोटाला किया है, ऐसा सनसनीखेज खुलासा संजय राऊत ने किया। विक्रांत को बचाने के बहाने देश की जनता से सोमैया ने ये पैसा जमा किया और हजम कर लिया। उसे राजभवन में जमा ही नहीं किया। ऐसा कहते समय संजय राऊत ने इस संदर्भ में राजभवन से राज्यपाल कार्यालय द्वारा जारी किया गया पत्र ही मीडिया के सामने पेश कर दिया। यह देश की सुरक्षा, राष्ट्रभावना के साथ ठगी है। सोमैया के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार करो, ऐसी मांग भी सांसद राऊत ने इस मौके पर की।
सांसद राऊत ने कल नई दिल्ली में पत्रकार परिषद बुलाई थी। इस मौके पर उन्होंने किरीट सोमैया का विक्रांत घोटाला पत्रकारों के सामने उजागर किया।
संजय राऊत ने कहा कि किरीट सोमैया ने ‘विक्रांत बचाओ’ के नाम पर २०१३ से २०१५ के बीच नागरिकों से ५८ करोड़ रुपए जमा किए थे। नेवी नगर के नौसेना अधिकारियों ने भी प्रति व्यक्ति ५ से १० हजार रुपए दिए थे। २०० करोड़ रुपए जमा करके उसे राजभवन में जमा करेंगे, ऐसा सोमैया ने कहा था परंतु वो पैसा जमा नहीं किया गया, ऐसा पत्र राज्यपाल कार्यालय ने जारी किया है, ऐसा संजय राऊत ने कहा।
‘महात्मा किरीट सोमैया ने तत्कालीन सरकार में देशभक्ति की भावना ही नहीं है, ऐसा कहा था। एक ‘आरटीआई’ कार्यकर्ता ने राज्यपाल से २०१३-२०१४-२०१५ में ‘विक्रांत’ के लिए जो पैसे जमा किए गए थे, वे राज्यपाल कार्यालय में जमा हुए या नहीं? ये सवाल पूछा था। इस पर ऐसा कोई भी पैसा जमा नहीं किया गया, ऐसा उत्तर राज्यपाल कार्यालय द्वारा दिया गया है।’ ऐसा कहते हुए सांसद राऊत ने राज्यपाल कार्यालय द्वारा जारी किया गया वह पत्र भी प्रसार माध्यमों को दिखाया।
सोमैया का दिमाग जांचना चाहिए!
संजय राऊत द्वारा पर्दाफाश किए जाने के बाद किरीट सोमैया ने यह नया पराक्रम है, ऐसी प्रतिक्रिया दी। इस पर संजय राऊत ने कहा, ‘राज्यपाल भाजपा का ही है, वहां हमारे शाखाप्रमुख नहीं बैठे हैं। भाजपा का आधारस्तंभ होनेवाले राज्यपाल कार्यालय से यदि पैसे जमा नहीं हुए हैं, कहा गया है तो इससे अलग प्रमाण होगा तो उस व्यक्ति को दिमाग की जांच करवानी चाहिए। आप दिखाओ वो सबूत हम दिखाते हैं, वो कौन से मूंगफली के कागज हैं?’ ऐसी चुटकी संजय राऊत ने ली। ये सभी महाराष्ट्रद्रोही, देशद्रोही आईएनएस ‘विक्रांत’ के नाम पर करोड़ों रुपए जुटाते हैं और भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर पराक्रम कहते हैं।
सोमैया के घोटाले की जांच महाराष्ट्र की जांच एजेंसियों को करनी ही चाहिए। परंतु यदि केंद्रीय जांच एजेंसियां पारदर्शक और निष्पक्ष होंगी तो सीबीआई, इनकम टैक्स और भाजपा की पदाधिकारी बन चुकी ईडी को भी जांच करनी चाहिए। उन्हें कुछ मिलता नहीं होगा तो मैं मदद करूंगा। इसमें कई लोग हैं, परंतु सोमैया भ्रष्टाचार की साजिश के मुख्य सूत्रधार हैं।

वह पैसा सोमैया की कंस्ट्रक्शन कंपनी में लगाया क्या?
‘किरीट सोमैया ‘विक्रांत बचाओ’ ऐसा टी-शर्ट पहनकर डिब्बा लिए घूम रहे थे। लाखों-करोड़ों लोगों ने उन्हें पैसे दिए। चर्चगेट स्टेशन पर उस डिब्बे में ५ हजार रुपए मैंने डाले, ऐसा कई लोगों ने मुझसे कहा। इसके अलावा कई कंपनियों से सोमैया ने ‘विक्रांत’ के लिए करोड़ों रुपए जुटाए थे। वह रकम ५७ से ५८ करोड़ रुपए के करीब थी, ऐसी जानकारी उन्हीं के एक करीबी ने दी है। परंतु यह आंकड़ा १०० करोड़ से ऊपर होगा। वह पैसा कहां गया? किसने खाया? कौन हजम कर गया? भाजपा ने चुनाव में उसका इस्तेमाल किया या किरीट सोमैया ने कंस्ट्रक्शन कंपनी में लगा दिया?’ ऐसा रोखठोक सवाल संजय राऊत ने पूछा है।

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