मुख्यपृष्ठस्तंभसरोकार : गागर में समाया सागर!

सरोकार : गागर में समाया सागर!

• मुंबई मनपा की अनोखी पेशकश
• कंटेनर में चल रहा है अस्पताल
• सिर्फ १० लोगों का है स्टाफ
• रोज १५० मरीज कराते हैं इलाज
• रक्त, मूत्र, थूक आदि की होती है जांच
रामदिनेश यादव। मुंबई महानगर में जनता के स्वास्थ्य के लिए मनपा की ओर से तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुंबई में हर गरीब और कमजोर तबके के लोगों तक पहुंचकर उन्हें इलाज उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास मुंबई मनपा करती है। छोटे-छोटे कस्बों और इलाकों में स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य केंद्र बनाए गए हैं। ऐसा ही एक स्वास्थ्य केंद्र शिवड़ी-कोलीवाड़ा में भी है। लेकिन यह अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से दिखता थोड़ा अलग है। जी हां, यहां स्वास्थ्य केंद्र एक कंटेनर में चल रहा है। इसे लोग कंटेनर अस्पताल (कंटेनर हेल्थ पोस्ट) के नाम से जानते हैं। यहां से लोगों को मिल रही बेहतर सेवाओं के चलते यह लोगों को खूब पसंद आ रहा है और इसे गागर में सागर कहा जा सकता है क्योंकि एक छोटी-सी जगह में लोगों को स्वास्थ्य की पूरी सेवा मिल रही है।
डॉक्टर, पैथोलॉजी लैब और अन्य जांच के बाद दवा उपलब्ध हो रही है। यह देखने में भी काफी आकर्षक लगता है। इसकी लोकप्रियता के चलते मनपा प्रशासन से अलग-अलग वार्डों में ८ ऐसे कंटेनर अस्पताल बनाने की मांग की गई है।
रोज १५० मरीज लेते हैं लाभ
शिवडी-कोलीवाड़ा के पास एक कंटेनर में चल रहे इस अस्पताल का स्थानीय लोगों को पूरा लाभ हो रहा है। सामान्य दिनों में १५० से अधिक लोग रोजाना इसमें इलाज करवाते हैं। मौसमी बीमारियों के उबरने पर यह संख्या २५० से भी अधिक हो जाती है। यहां एक एमबीबीएस डॉक्टर, उसके साथ दो सहायक डॉक्टर, नर्स, स्टाफ, चपरासी ऐसे कुल ८ से १० स्टाफ काम करते हैं। सुबह ९ बजे से शाम ६ बजे तक यह जनता के लिए खुला रहता है। डॉक्टर के परामर्श के बाद मरीजों के खून, थूक, पेशाब आदि की जांच भी वहीं की जाती है। रिपोर्ट मिलने पर उनका तुरंत इलाज किया जाता है। मनपा की ओर से दवा भी मुफ्त में दी जाती है।
कल्पना हुई साकार
इस कंटेनर अस्पताल को विशेष रूप से डिजाइन किया गया है। इसमें ८ से १० स्टाफ को बैठने की जगह, डॉक्टर सहित लैब के लिए अलग केबिन, एसी और प्रâीज भी उपलब्ध हैं। लोगों को पर्ची देने के लिए अलग से विंडो आदि बनाया गया है। साफ-सफाई का पूरा खयाल रखा गया है। मनपा की अनुमति के बाद स्थानीय शिवसेना नगरसेवक ने इसे मनपा अधिकारियों के सहयोग से विशेष रूप से डिजाइन करवाया। एक इंटीरियर डिजाइनर ने इसकी पूरी कल्पना को साकार किया।
बचाया डेढ़ करोड़ रुपया
शिवडी-कोलीवाड़ा में जब स्थानीय शिवसेना नगरसेवक सचिन पडवल ने यहां हेल्थ पोस्ट बनाने के लिए मनपा को प्रस्ताव दिया तो मनपा यहां होनेवाले खर्च को देखते हुए थोड़ा झिझक रही थी। इसके अलावा वहां जगह की कमी थी और एमबीपीटी (मुंबई पोर्ट ट्रस्ट) मनपा को ८० लाख रुपए महीने किराए पर जगह दे रही थी। इसी लिए मनपा इसे मंजूर करने में झिझक रही थी। बाद में कंटेनर अस्पताल के आइडिया को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया गया। यह सिर्फ ३५ लाख रुपए में बनकर तैयार हो गया। साथ ही इसका मासिक खर्च अब मात्र कुछ लाख रुपए में सिमटकर रह गया है।

खुश है आम जनता
यह आम जनता के लिए बेहतर सुविधा प्रदान करनेवाला अस्पताल है। ऐसे छोटे से कंटेनर में लोगों को जीवन देनेवाले अस्पताल का निर्माण करना अपने आप में सराहनीय है। स्थानीय नगरसेवक के प्रयासों की भी मैं सराहना करता हूं। इससे लोगों को स्वास्थ्य के लिए पूरी सहूलियत मिल रही है। आम जनता भी इस काम को लेकर खुश है।
-राकेश पांडे, स्थानीय निवासी

और अस्पताल की जरूरत
यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण कार्य है। पहली बार इस तरह की संकल्पना को मनपा ने शिवसेना नगरसेवक के सहयोग से साकार किया है। कंटेनर में दवाखाना या अस्पताल सुनकर थोड़ा अजीब लगता है लेकिन इसकी व्यवस्था देखकर ऐसा लगता है कि मुंबई में जगह-जगह इस प्रकार के दवाखाना इस जैसे और अस्पताल शुरू किए जाने की जरूरत है। इस कार्य को साकार करनेवाले शिवसेना नगरसेवक को हम सभी की तरफ से धन्यवाद।
-श्वेता मनीष जोशी, समाजसेविका

लोग ले रहे हैं भरपूर लाभ
यहां हेल्थ पोस्ट नहीं होने से लोगों को दूर-दराज के इलाकों में इलाज के लिए जाना पड़ता था। एक नगरसेवक होने के नाते क्षेत्र की जनता की समस्या मुझसे देखी नहीं जा रही थी, जिसके बाद मैंने क्षेत्र में ही जनता स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के लिए यह कंटेनर अस्पताल बनवाया। अब लोगों को इसका भरपूर लाभ मिल रहा है। स्थानीय लोग खुश हैं। यह देखकर मै भी संतुष्ट हो जाता हूं। इस छोटे से अस्पताल की बड़ी करामात को देखकर कई नगरसेवकों ने भी अपने वॉर्ड में ऐसे ही कंटेनर अस्पताल को बनाने की मांग मनपा प्रशासन से की थी।
-सचिन पडवल, पूर्व नगरसेवक

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