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सरोकार : मीरा-भायंदरवासियों को मिला होली पर तोहफा!…मुख्यमंत्री ने दी ‘सूर्या प्रकल्प’ के लिए ४७३ करोड़ रुपए की मंजूरी

•  अब वर्ष २०४६ तक नहीं होगी पानी की समस्या
• सूर्या बांध से होगी २१८ एमएलडी पानी की आपूर्ति

वर्षों से पानी की समस्या से जूझती मीरा-भायंदर की जनता के लिए बहुत ही बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ‘सूर्या प्रकल्प’ पानी परियोजना के लिए ४७३ करोड़ रुपए की निधि की मंजूरी दे दी है। यहां के रहिवासियों के लिए इसे होली पर तोहफा के रूप में देखा जा रहा है। ऐसा वक्तव्य स्थानीय विधायक गीता भरत जैन ने दिया है।

पानी की समस्या से जूझ रहा शहर
गौरतलब है कि मीरा-भायंदर क्षेत्र की जनसंख्या में लगातार बढ़ोतरी होती चली आ रही है। क्षेत्र में पानी की विकट समस्या वर्ष १९९० से शुरू हुई थी जो बंद होने का नाम ही नहीं ले रही थी। जबकि मुंबई से सटे होने के कारण मीरा-भायदंर शहर का तेजी से विकास हुआ है। ८०-९० के दशक में शहर की आबादी ३-४ लाख के आसपास थी, जो अब वर्तमान में १२ लाख से भी ज्यादा हो चुकी है। जनसंख्या के अनुसार शहरवासियों को पर्याप्त पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। इसी वजह से शहर में पानी को लेकर कई बार आंदोलन हुआ, जिसमें गंदी राजनीति भी हुई। लेकिन अब सरकार की तरफ से राहतभरी खबर आई है, जिसको लेकर यहां की जनता होली पर इसे उपहार स्वरूप देख रही है।
स्थानीय विधायक गीता भरत जैन इस परियोजना के लिए लगातार प्रयासरत थीं तथा वे नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे तथा राज्य के मुख्यमंत्री से लगातार इसके लिए निधि की मांग कर रही थीं।
प्रलंबित कार्यों को मिलेगी गति
इस परियोजना का कार्य काफी समय से शुरू था। लेकिन निधि के अभाव में काम काफी धीमी गति से चल रहा था। सरकार ने मीरा-भायंदर के लिए सूर्या बांध परियोजना से २१८ एमएलडी पानी आपूर्ति की मंजूरी दी है। इस परियोजना के पूर्ण होने पर मीरा-भायंदर में पानी की समस्या तो खत्म हो ही जाएगी, बल्कि वर्ष २०४६ तक शहर में पानी की कमी नहीं होगी।
मीरा-भायंदर को मिलेगा २१८ एमएलडी पानी
मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने मीरा-भायंदर और वसई-विरार के लिए ४०३ एमएलडी पानी की मंजूरी दी है, जिसमें से २१८ एमएलडी पानी इस शहर को मिलनेवाला है। वर्तमान में इस परियोजना का काम ७० प्रतिशत तक हो चुका है, जिसके साल-डेढ़ साल में पूरा होने की उम्मीद है। मीरा-भायंदर शहर में पानी लाना, शहर के भीतर वितरण प्रणाली का डायवर्जन और उच्च पानी की टंकी का निर्माण आदि जैसे सहायक कार्य मीरा- भायंदर मनपा को अभी करना है। जिन सभी कार्यों को पूर्ण करने के लिए निधि की जरूरत थी, जिसकी मंजूरी मिल गई है।
१८३ एमएलडी पानी की होती है आपूर्ति
मीरा-भायंदर शहर को स्टेम प्राधिकरण से ८६ एमएलडी और एमआईडीसी से १२५ एमएलडी, ऐसे कुल २११ एमएलडी पानी की आपूर्ति मंजूर की गई है। जबकि प्रत्यक्ष में शहर को प्रतिदिन करीब १८३ एमएलडी पानी की ही आपूर्ति की जाती है, वहीं महीने में ६ से ८ दिन पाइपलाइन की मरम्मत तथा अन्य कारणों से पानी की आपूर्ति बंद रहती है। इस कारण से शहरवासियों को ३० से ३५ घंटे के अंतराल पर पानी की आपूर्ति होने से पानी की किल्लत बनी रहती है।
मुख्यमंत्री ने करके दिखाया
विधायक गीता जैन ने बताया कि इस कार्य के पूरा होने से पानी की समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने जो कहा वह करके दिखाया। इसके लिए मुख्यमंत्री और नगरविकास मंत्री एकनाथ शिंदे की आभारी हैं, जिनके प्रयत्न से सफलता प्राप्त हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री सहित इस परियोजना में योगदान देनेवाले सभी अधिकारियों व इससे जुड़े सभी लोगों को धन्यवाद दिया।

समस्या का होगा समाधान
शहर में पानी की समस्या पिछले कई वर्षों से बनी हुई है। सरकार की तरफ से मीरा-भायंदर के लिए जितना पानी मंजूर है, उतना भी नहीं मिल रहा है। मीरा-भायंदर को अब अतिरिक्त २१८ एमएलडी पानी की आपूर्ति होने से समस्या का समाधान हो जाएगा। इससे भवन निर्माण करने व इस व्यवसाय को तीव्र गति मिलेगी।
-उमराव सिंह ओस्तवाल, स्थानीय निवासी

शहर की तरक्की होगी
सरकार के इस काम की प्रशंसा होनी चाहिए। तीन दशक से पानी की समस्या से शहर के लोग जूझ रहे हैं। अतिरिक्त पानी मिलने से जहां इस समस्या का निराकरण होगा, वहीं पानी को लेकर बदनाम इस शहर की तरक्की हो जाएगी।
-राहुल तिवारी, स्थानीय निवासी

कार्य को गति मिलेगी
निधि मिलने से सूर्या प्रकल्प के कार्य को गति मिलेगी। जल्द-से-जल्द अधूरे पड़े काम को पूरा कर लिया जाएगा। इससे मीरा-भायंदर शहर में वर्षों से चली आ रही पानी की किल्लत दूर होगी और निवासियों को भरपूर पानी मिलेगा।
-शरद नानेगांवकर,
कार्यकारी अभियंता

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