मुख्यपृष्ठनए समाचारमूंछ की लड़ाई बन गया है सरोर टोल प्लाजा!

मूंछ की लड़ाई बन गया है सरोर टोल प्लाजा!

एक सप्ताह में दूसरी बार हड़ताल और चक्का जाम के बावजूद सरकार का साफ इंकार

सुरेश एस डुग्गर / जम्मू

जम्मू संभाग के सांबा जिले में स्थित सरोर टोल प्लाजा अब मूंछ की लड़ाई बन चुका है। छह दिनों के भीतर दूसरी बार जम्मू संभाग में इसे हटाने के लिए आज चक्का जाम रहा है। पिछले शनिवार को इसके खिलाफ पूरे संभाग में पूर्ण हड़ताल रही थी।
यह टोल प्लाजा पहले ही दिन से विवाद का कारण इसलिए बना हुआ है, क्योंकि यह निर्धारित जगह से कई किमी दूर बनाया गया तो पिछले साल केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी द्वारा 60 किमी के भीतर दो टोल प्लाजा नहीं चलेंगें की घोषणा के उपरांत इसको लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया और अब जबकि दिल्ली-अमृतसर-कटड़ा राजमार्ग के कार्य के कारण और दयालाचक के पास तरनाह नाले पर राजमार्ग के पुल के ढहने के बाद तो यह राजनीतिक दलों का मुख्य मुद्दा बन गया है।
सिवाय भाजपा के सभी राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक दल इस मुद्दे को भुनाने में जुटे हैं। भाजपा नेताओं की किरकिरी इस मामले को लेकर कई बार हो चुकी है। पिछले सप्ताह उसे सांबा के लोगों के गुस्से का सामना इसलिए करना पड़ा था, क्योंकि पहले ही सांबा के पंजीकृत वाहनों को मिली टोल माफी भाजपा नेताओें के कारण खत्म हो गई।
आज लखनपुर से लेकर उड़ी तक सभी कर्मिशयल वाहन सड़कों पर नहीं निकले थे। इनमें स्थानीय थ्री व्हीलर और मेटाडोरों ने भी अपना सहयोग दियातो स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित करनी पड़ी थी। सप्ताह में दूसरी बार हुई हड़ताल का मकसद इस टोल प्लाजा को हटवाना है, जिसके प्रति नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया की विशेषज्ञों की टीम स्पष्ट इंकार कर चुकी है कि यह टोल प्लाजा नहीं हटेगा। ऐसे में भाजपा को डर है कि यह टोल प्लाजा उनके वोटों को लील जाएगा।

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