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स्टैंप ड्यूटी बचाई, अब भरने की बारी!

सामना संवाददाता / मुंबई

 उपनगरों के १,५०० लोगों को मिली नोटिस
 मुद्रांक की अभय योजना, समाप्ति के बाद अनिवार्य वसूली

स्टैंप शुल्क के कम भुगतान या डिफॉल्ट के मामलों में नागरिकों के लिए अभय योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत, मुंबई उपनगरों में लगभग डेढ़ हजार लोगों को नोटिस जारी किया गया है, ताकि वर्ष २००० से २०२० के बीच पंजीकृत सूचीबद्ध लोगों के मामलों को योजना का लाभ मिले।
ये नोटिस केवल सूचना के उद्देश्य से है और जिन लाभार्थियों को नोटिस नहीं मिला है, उनसे भी आवेदन करने और योजना का लाभ उठाने का अनुरोध किया गया है। हालांकि, योजना की अवधि समाप्त होने के बाद यह स्पष्ट किया गया है कि अनिवार्य वसूली होगी।
१९८० के दशक में बैनामे के पंजीकरण के दौरान स्टैंप शुल्क लगाने का फॉर्मूला तय नहीं था। अत: अनुमानित स्टैंप शुल्क अथवा कम स्टैंप शुल्क का भुगतान किया गया, जिसके अनुसार १९८० से २००० तक एक लाख रुपए के अंदर स्टैंप शुल्क अंतर के मामलों में पूर्ण छूट दी गई है। ऐसे लोगों को आवेदन करने की जरूरत नहीं है। इन मामलों में सीधे पंजीयन एवं मुद्रांक शुल्क विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान एक लाख रुपये से अधिक राशि के ११६० मामलों का सत्यापन किया गया है। इसके अलावा, एक करोड़ से अधिक के लगभग २८६ मामले मुंबई उपनगरों यानी अंधेरी, कुर्ला, बोरीवली क्षेत्र से हैं, संयुक्त जिला रजिस्ट्रार भरत गरुड़ ने ‘दोपहर का सामना’ से बात करते हुए कहा। स्टैंप विभाग में पंजीकृत लोगों को नोटिस जारी किया जाएगा। जिन नागरिकों ने किसी भी कारण से अपना पता बदल लिया है, वे स्वयं आवेदन करने पर योजना का लाभ उठा सकेंगे। गरुड़ ने बताया कि आवेदन पत्र पंजीयन स्टैंप शुल्क विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।

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