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स्कैम… करके खुश हूं’! -सना शेख

शो ‘क्या मस्त है लाइफ’ से एक्टिंग में डेब्यू करनेवाली सना शेख ने इस शो में रितु शाह का किरदार निभाकर अपनी पहचान बनाई थी। आगे चलकर सना ने कई टीवी शो में काम किया, जिसमें ‘नजर’, ‘गुस्ताख दिल’, ‘जीत जाएंगे हम’, ‘मेरा नाम करेगा रोशन’ प्रमुख हैं। इस वक्त सना वेब शो ‘स्कैम-२००३’ से चर्चा में हैं। पेश है, सना शेख से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

शो ‘स्कैम-२००३’ में आपका क्या किरदार है?
‘सोनी-लिव’ पर ‘स्वैâम २००३’ शो हाल फिलहाल में प्रसारित हुआ है। मुझे इस शो के लिए बहुत सराहना मिल रही है। करोड़ों रुपए का स्टैंप घोटाला करनेवाले तेलगी नामक व्यक्ति की ये कहानी है। मेरा किरदार तेलगी की पत्नी शाहिदा तेलगी का है।

• हंसल मेहता के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
हंसल मेहता क्यों आदर के पात्र हैं इसका जवाब मुझे इस शो में उनके साथ काम करने के बाद मिला। निहायत सॉफ्ट स्पोकन, टैलेंटेड निर्देशक हैं हंसल मेहता। मैं तो उनकी फैन बन गई हूं। अपनी टीम के साथ कैसे काम करना है, यह उनसे बेहतर शायद ही कोई जानता हो।

• स्टेज और रीजनल फिल्म के कलाकार इस शो में आपके को-एक्टर रहे हैं, कौन हैं ये कलाकार?
मराठी फिल्मों में अनगिनत किरदार निभानेवाले और खासकर कॉमेडी फिल्मों में अपनी छाप छोड़नेवाले भरत जाधव की परफॉर्मेंस देखकर मैं दंग रह गई और मैंने तालियां बजा दी। गगन देव रायर, भरत दाभोलकर, भावना बलसावर, शशांक केतकर, सिंगर तलत अजीज की परफॉर्मेंस ने शो में चार चांद लगा दिए।

• लोगों को धोखा देनेवाला तेलगी अपनी पत्नी के प्रति वफादार था। क्या तेलगी की मौत होने पर एक्टिंग करते हुए आप भावुक हुई थीं?
असलियत में तो नहीं, लेकिन शो की शूटिंग के दौरान जरूर हुई थी। तेलगी को अदालत ३० वर्ष की सजा सुनाती है। लेकिन ३० वर्ष पूरा होने से पहले ही तेलगी की मौत हो जाती है। खैर, तेलगी की सजा उतनी भयंकर नहीं थी लेकिन भगवान की अदालत ने उसे पहले ही सजा दे दी। तेलगी की हमसफर होने के नाते मुझे शो के किरदार में बुरा लगना स्वाभाविक-सी बात थी लेकिन भारत देश का नागरिक होने के नाते उसके जुर्म हम वैâसे नजरअंदाज कर सकते हैं?

• अपने अभिनय सफर के बारे में कुछ बताएंगी?
अब तक के अपने करियर में मैंने ३० से अधिक टीवी शोज किए हैं, जिनमें ज्यादातर टीवी शोज सफल रहे। ‘डिज्नी चैनल’ का शो ‘क्या मस्त है लाइफ’ मेरा डेब्यू शो था। आगे चलकर ‘गुस्ताख दिल’, ‘जीत जाएंगे हम’, ‘मिलियन डॉलर’, ‘कृष्णदासी’, ‘परफेक्ट पति’ जैसे मेरे सभी शोज पसंद किए गए और मुझे पहचान मिलती गई।

• नेगेटिव किरदार निभाते वक्त क्या आपने कभी रिस्क नहीं महसूस किया?
जब तक मैं विभिन्न किरदार नहीं निभाऊंगी तब तक यह वैâसे साबित होगा कि मैं एक सशक्त अभिनेत्री हूं। सलमान खान, शाहरुख खान, आमिर खान सहित आज की पीढ़ी के सभी बड़े स्टार्स नेगेटिव किरदार निभा चुके हैं और कर भी रहे हैं। इस मामले में अमिताभ बच्चन भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने भी कई ऐसे किरदार निभाए जो नेगेटिव सांचे में आते हैं। बरसों पहले महानायक ने फिल्म ‘दीवार’ में एंटी हीरो का रोल निभाया था, जो शराब और शबाब में माहिर होता है। स्मगलिंग करने के साथ ही मारपीट करता है और अंतत: अपने भाई के हाथों मारा जाता है। यह रही एक मिसाल। लेकिन अब नेगेटिव, ग्रे शेड्स किरदार निभाना बहुत मायने रखता है, जिससे कलाकार की रेंज समझ आती है। ‘कुछ रंग प्यार के’ शो में मेरा निभाया नेगेटिव किरदार पसंद किया गया। और भी कुछ शो जैसे ‘तेरे शहर में’, ‘मन की आवाज’, ‘प्रतिज्ञा’ में भी मैंने डार्क किरदार निभाए लेकिन हर बार वाहवाही मिली। मुझे ऐसा कोई डर कभी नहीं महसूस हुआ कि मुझे पॉजिटिव किरदार मिलने बंद हो जाएंगे।

• चंद फिल्मों में काम करने के बावजूद आपका फिल्मी सफर आगे न बढ़ने की क्या वजह रही?
फिल्म ‘सिंघम’ में मेरा अंजलि भोसले का किरदार काफी पसंद किया गया। मैंने ‘टेबल नंबर २१’ और ‘आयलैंड सिटी’ फिल्में भी की। फिल्मों में मैंने खुद से काम मांगा नहीं, जब भी अच्छे रोल मिले और किरदार अच्छा लगा मैंने उन्हें स्वीकार कर लिया। टीवी में मुझे वेरायटी मिल रही है, यह कम उपलब्धि नहीं है न?

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