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‘भारत दाल’ स्कीम में `५०० करोड़ का घोटाला! गरीबों की चना दाल मिलों को बेची गई,राज्यमंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों से की शिकायत

कमलकांत उपमन्यु / मथुरा
गरीबों के लिए बनाई गई ‘भारत दाल’ स्कीम में ५०० करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया है। बताया जाता है कि गरीबों की चना दाल को मिलों को बेच दिया गया। इस बात की शिकायत राज्यमंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों से की गई है। इस पूरे मामले में तेलंगाना राज्य से तार जुड़ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, ‘भारत दाल’ स्कीम की एक लाख टन चना को बाजार भाव से कम मूल्य पर बेचने की योजना में बड़ी हेराफेरी कर ५०० करोड़ रुपए का चूना लगाया गया है। बता दें कि हिंदुस्थान को दाल उत्पादन मेंं स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता के लिए इस योजना को शुरू किया गया है। इसका मकसद दालों का उत्पादन बढ़ाना, बफर मानदंडों को पूरा करना और आयात निर्भरता को खत्म करना है।
क्या है मामला? 
इस बात की शिकायत मथुरा के एक व्यापारी ने प्रधानमंत्री कार्यालय, भारत सरकार केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति के कार्यालय में की है। साथ ही आरोपी संस्था के एमडी, सीबीआई डायरेक्टर समेत संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी की गई है। अपना नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर उक्त व्यापारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि तेलंगाना की सरकारी कंपनी ने एक लाख टन चना को प्रोसेसिंग कर उसे दाल बनाने और आम उपभोक्ता को राहत देने के लिए बाजार भाव से कम मूल्य पर बेचने का टेंडर तेलंगाना की ही एक कंपनी को दिया।
मिलों को बेची गई दाल 
उक्त कंपनी ने इसकी ‘भारत दाल’ नहीं बनाई और इस चने को ही सीधे दाल मिलों को बेचना शुरू कर दिया। इस दाल को सड़क परिवहन और रेल परिवहन के जरिए से दिल्ली, महाराष्ट्र और राजस्थान सहित अन्य शहरों में भेजा गया। इसका सीधा असर गरीब पर पड़ रहा है, जिससे गरीबों को सस्ती दर पर चना दाल नहीं मिल पा रही है, और बड़े व्यापारी अवैध रूप से इसका लाभ उठा रहे हैं। इसमें बड़े अधिकारियों की भी भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है।

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