मुख्यपृष्ठटॉप समाचारखिसियाहट में खाते सील... आलोचनाओं से हुए अनफ्रीज

खिसियाहट में खाते सील… आलोचनाओं से हुए अनफ्रीज

-छटाक भर का चुनावी चंदा लेनेवाली कांग्रेस पर कार्रवाई

– भारी-भरकम लाभार्थी भाजपा पर चुप्पी

-माकन बोले, हम पर २१० करोड़ की पेनाल्टी लगाई

सामना संवाददाता / नई दिल्ली

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी चंदे पर चाबुक चलाते हुए एक बड़ा ऐतिहासिक फैसला सुनाया। इसफैसले ने केंद्र सरकार को करारा झटका दिया है। लगता है इस फैसले की खिसियाहट मोदी सरकार को हुई होगी, यही वजह थी कि छटाक भर का चुनावी चंदा लेनेवाली कांग्रेस पार्टी के खाते शुक्रवार को सील कर दिए गए। हालांकि, मोदी सरकार पर कांग्रेस के कड़े प्रहार और आलोचनाओं के बाद खाते अनफ्रीज भी कर दिए गए। लेकिन इस कार्रवाई ने लोकतंत्र को बड़ी चोट दी है। इस पर कांग्रेस ने तत्काल प्रेस कॉन्प्रâेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने हमला बोलते हुए कहा कि न केवल कांग्रेस के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, बल्कि देश में लोकतंत्र भी फ्रीज कर दिया गया है और इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई। इसके बाद मोदी सरकार झुकी और एक घंटे के अंदर सभी फ्रीज खाते खोल दिए गए।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि यह एक तरह से लोकतंत्र की तालेबंदी है। इस मामले में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के नशे में मोदी सरकार चूर नजर आ रही है। लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के प्रवक्ता अजय माकन ने कल बड़ा दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी के सभी खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, जिसका मतलब है कि लोकतंत्र के सारे दरवाजे बंद कर दिए गए हैं। एक-दो हफ्ते में चुनाव की घोषणा होनी है। ऐसे में ऐसा करना तानाशाही है।
बता दें कि शुक्रवार को कांग्रेस कोषाध्यक्ष अजय माकन ने बताया था कि आयकर विभाग द्वारा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय युवा कांग्रेस के बैंक खातों को फ्रीज कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई वर्ष २०१८-१९ के लिए आईटी रिटर्न दाखिल करने में ४५ दिन की देरी के कारण हुई है।
सरकार पर बरसे राहुल गांधी
`घबराइए मत मोदी जी, कांग्रेस ताकत और पैसे का नाम नहीं है, बल्कि ये लोगों की ताकत है। हम आपकी तानाशाही से नहीं झुकेंगे। हर कांग्रेस कार्यकर्ता आपसे आखिरी दम तक लड़ेगा और देश के लोकतंत्र को बचाएगा।’
आयकर विभाग ने की २१० करोड़ रुपए की मांग -अजय माकन
अजय माकन ने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा कि `यह कांग्रेस का खाता बंद नहीं किया गया है बल्कि लोकतंत्र को बंद कर दिया गया है। जब चुनाव की घोषणा सिर्फ एक महीने दूर है, उन्होंने प्रमुख विपक्षी दल का खाता फ्रीज कर दिया है, क्या देश में एक ही पार्टी का शासन रहेगा?’ उन्होंने आगे बताया कि कांग्रेस के चार खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। माकन ने कहा कि पार्टी ने उनके खाते को डीफ्रीज करने के लिए आयकर अपीलीय प्राधिकरण (आईटीएटी) से संपर्क किया है। आयकर विभाग ने पार्टी से २१० करोड़ रुपए की मांग की है। माकन ने कहा, उन्हें २०१८-१९ के लिए अपना आईटी रिटर्न ३१ दिसंबर, २०१९ तक दाखिल करना था, लेकिन पार्टी ४०-४५ दिनों की देरी से रिटर्न फाइल किया था।
‘मोदी सरकार सत्ता के नशे में चूर’ -मल्लिकार्जुन खड़गे
कांग्रेस पार्टी के बैंक खाते सीज होने के मामले में अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि देश में बहुदलीय व्यवस्था खतरे में है और देश में बहुदलीय व्यवस्था को बचाने के लिए न्यायपालिका को दखल देना चाहिए। खड़गे ने बैंक खाते सीज होने के खिलाफ सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने का भी एलान किया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि `सत्ता के नशे में चूर मोदी सरकार ने देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी इंडियन नेशनल कांग्रेस के खातों को लोकसभा चुनाव से तुरंत पहले सीज कर दिया है।’ खड़गे ने लिखा कि `ये लोकतंत्र पर बड़ा हमला है। भाजपा ने असंवैधानिक पैसा इकट्ठा किया है और भाजपा चुनाव में उसका इस्तेमाल करेगी, लेकिन जो पैसा हमने लोगों से चंदा लेकर इकट्ठा किया, उसे सीज कर दिया गया है!’ खड़गे ने कहा कि `कांग्रेस सरकार के इस अत्याचार के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी और विरोध प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा यही वजह है कि मैंने कहा है कि देश में भविष्य में कोई चुनाव नहीं होंगे। हम न्यायपालिका से अपील करते हैं कि देश में बहुदलीय व्यवस्था और लोकतंत्र को बचाया जाए।’

अन्य समाचार