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मुंबई में मौसमी बीमारियों की मार, सफाई अभियान से वार! …८,१०५ शौचालयों की सफाई पर विशेष ध्यान

दिन में ५-६ बार हो रही सफाई
सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबईकर मौसमी बीमारियों की मार से त्रस्त हो चुके हैं। शहर में स्थित विभिन्न सरकारी और मनपा अस्पतालों में सैकड़ों मरीज इलाज कराने के लिए पहुंच रहे हैं। इसे गंभीरता से लेते हुए मनपा प्रशासन शहर में स्थित शौचालयों की सफाई और कीटाणुशोधन अभियान चला रहा है। इसके तहत शहर के ८,१०५ शौचालयों की दिन में ५-६ बार सफाई की जा रही है। इतना ही नहीं, मनपा ने जनता से अपील करते हुए कहा है कि शौचालयों में सफाई को लेकर कोई भी शिकायत होने पर वे तुरंत संबंधित विभाग के अधिकारियों से संपर्क करें।
मुंबई मनपा क्षेत्र में बड़ी संख्या में झोपड़पट्टी और इसी तरह की बस्तियां हैं। इन सभी बस्तियों के साथ-साथ मुंबई महानगर में नागरिकों की सुविधा के लिए कई सार्वजनिक शौचालय बनाए गए हैं। मनपा प्रशासन ने झोपड़पट्टी क्षेत्रों के अलावा आम शौचालयों में साफ-सफाई बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इस क्रम में मानसून के दौरान महामारी जैसी बीमारियों को पैâलने से रोकने के लिए साफ-सफाई के साथ ही दवाइंयों का छिड़काव और धुआं मारने जैसे काम किए जा रहे हैं। इसी क्रम में मनपा के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. सुधाकर शिंदे के मार्गदर्शन और घनकचरा विभाग की उपायुक्त चंदा जाधव के निर्देश पर सभी २४ प्रशासनिक प्रभागों में सभी संबंधित विभागों के सहयोग से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
‘स्वच्छ मुंबई प्रबोधन अभियान’ शुरू
इसके तहत झोपड़पट्टी बहुल इलाकों में साफ-सफाई के लिए ‘स्वच्छ मुंबई प्रबोधन अभियान’ (बस्ती स्वच्छता योजना) शुरू किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य झोपड़पट्टीवासियों को स्थानीय संस्थाओं द्वारा सफाई गतिविधियों में शामिल करना और स्वच्छता को लेकर उनमें अनुशासन स्थापित करते हुए क्षेत्र को स्थाई रूप से साफ रखना है। यह योजना जनभागीदारी, जनता से चंदा लेकर और मनपा की सहायता अनुदान के माध्यम से प्रभावी ढंग से क्रियान्वित की जा रही है। इस बीच अपील की गई है कि प्रत्येक नागरिक को मनपा के माध्यम से व्यक्तिगत स्तर पर सार्वजनिक स्वच्छता का पालन करना चाहिए।
कूड़ा डालने पर होगी कार्रवाई
घनकचरा प्रबंधन की उपायुक्त चंदा जाधव ने बताया कि स्वच्छता अभियान के तहत मलिन बस्तियों की प्रत्येक गली के लिए सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। हर क्षेत्र में कचरा संग्रहण पेटियां रखी गई हैं। सफाई कर्मचारी रोज सुबह-शाम घर-घर जाकर अपील कर रहे हैं कि घर का कूड़ा नाले या सड़क पर फेंकने के बजाय कूड़ेदान में डालें। इसके बाद चेतावनी भी दी जा रही है कि अगर नाले या सड़क पर कूड़ा डाला तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

विद्यार्थियों से ली जा रही मदद
उपायुक्त चंदा जाधव ने कहा कि शहरवासियों को जागरूक करने के लिए कॉलेज के विद्यार्थियों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा नुक्कड़ नाटक और जागरूकता दौर का भी आयोजन किया जा रहा है। इसी तरह झुग्गी-झोपड़ी वाले क्षेत्रों में सभी व्यापारियों और दुकानदारों को प्लास्टिक बैग का उपयोग नहीं करने का निर्देश दिया जा रहा है।

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