मुख्यपृष्ठनए समाचारमानसून में मौसमी रोगों का तूफान! डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या...

मानसून में मौसमी रोगों का तूफान! डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या में वृद्धि

जनवरी से ५ जून तक मिले
मलेरिया के ९५० रोगी
डेंगू के ९४ मरीज

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई शहर में कोरोना से संक्रमित होनेवाले मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। ऐसे में शुक्रवार की रात से ही मानसून ने दस्तक दे दी है। इसे देखते हुए मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने चेताया है कि मुंबईकर अब पूरी तरह से सावधान हो जाएं, क्योंकि बारिश में कोरोना के साथ ही मौसमी रोगों का तूफान आनेवाला है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शहर में डेंगू और मलेरिया का उफान आ गया है। बीते कुछ दिनों से मच्छर जनित इन रोगों के मरीजों में खासा वृद्धि देखी गई है। चिकित्सा अधिकारियों ने बीमार पड़ने पर खुद से दवा न लेने का सुझाव देते हुए मलेरिया और डेंगू के मच्छर की उत्पत्ति से पहले ही उन्हें नष्ट करने का आह्वान किया है।
किसी की भी मौत नहीं
मुंबई में मानसूनी बीमारियों ने सिर उठाना शुरू कर दिया। कोरोना के साथ ही मानसूनी बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। मनपा के अनुसार जनवरी से ५ जून तक मलेरिया के ९५० और डेंगू के ९४ मामले सामने आए हैं। हालांकि मानसूनी बीमारी से इस साल अभी तक किसी की मृत्यु नहीं हुई है, लेकिन मानसूनी बीमारियों ने मुंबईकरों की चिंता बढ़ा दी है। मनपा के आंकड़ों के मुताबिक जून के पहले पांच दिनों में मलेरिया के ५७ मामले सामने आए हैं, जिसमें अधिकांश मरीज जी दक्षिण वॉर्ड (प्रभादेवी) स्थित और ई वार्ड (भायखला) में मिले हैं। मुंबई में जून से पहले मलेरिया के अलावा डेंगू के १० मरीज मिले थे। पांच दिनों में इसी अवधि के दौरान, ई, एच वेस्ट (खार) और एच ईस्ट (बांद्रा) वार्डों में गैस्ट्रो के ७८ मामले सामने आए। वहीं मनपा द्वारा प्रारंभिक जांच में पाया गया कि ये मामले आवासीय क्षेत्र और निर्माण स्थलों दोनों से आ रहे हैं। मुंबई में शुक्रवार रात से ही बारिश शुरू हो गई है। ऐसे में मच्छर जनित बीमारियों के मामलों में बढ़ोतरी की संभावना है। मनपा प्रशासन ने लोगों को निर्देश दिया है कि वे चिकित्सकों के मशविरा बिना कोई भी दवाई न लें। साथ ही मच्छरों की उत्पत्ति से पहले ही उनका खात्मा कर दें।
मनपा पूरी तरह है तैयार
कोरोना के साथ ही मानसूनी बीमारियों से भी निपटने के लिए मनपा की तरफ से विशेष इंतजाम किए गए हैं। मई आखिरी में मनपा के मुख्य अस्पतालों में शामिल केईएम, नायर, सायन और कूपर  सहित १६ उपनगरीय अस्पतालों में १,५०० बेड मानसूनी बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए तैयार किए गए हैं। इसके अलावा डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों सहित मरीजों के लिए बेड की भी व्यवस्था की गई है।

अन्य समाचार