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मौसमी बीमारी का कहर! मुंबई में दोगुने हुए मरीज

  • मनपा का स्वास्थ्य विभाग सतर्क 
  • स्वाइन फ्लू और डेंगू का खतरा बढ़ा
  • सर्दी, बुखार से पीड़ित मुंबईकर

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में मौसमी बीमारियों के मरीजों में पिछले एक सप्ताह में दोगुना इजाफा हुआ है। अगस्त के दूसरे सप्ताह में स्वाइन फ्लू के ५८ और डेंगू के ४६ मामले सामने आए हैं। साथ ही सर्दी-बुखार के २०० से ज्यादा मरीज मिले हैं। हालांकि स्थिति से निपटने के लिए मुंबई मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां कर रखी हैं।
मुंबई में अभी कोरोना मरीज मिल रहे हैं, इसके साथ ही अन्य रोगों की दर भी बढ़ती जा रही है। अगस्त के पहले सप्ताह में ही सर्दी, बुखार, लेप्टो, डेंगू, गैस्ट्रो, पीलिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ। दूसरे सप्ताह में भी यही स्थिति रही है। कुछ इलाकों में सर्दी, बुखार, स्वाइन फ्लू और डेंगू के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अगस्त महीने में अब तक स्वाइन फ्लू के १३८ मामले सामने आ चुके हैं। सर्दी, बुखार के मरीजों की संख्या ४१२ तक पहुंच गई है। बीते आठ दिनों में स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामले में दोगुना वृद्धि हुई है। स्वाइन फ्लू के मरीजों को तेज बुखार, सूखी खांसी, नाक बहना, छींक आना, गले में खराश, थकान और कभी-कभी दस्त या पेट में दर्द भी होता है। ज्यादातर लोगों में यह रोग आमतौर पर चार से पांच दिनों के भीतर अपने आप ठीक हो जाता है। कुछ मरीजों में यह बड़ा रूप ले लेता है। हालांकि जटिल रोगों में कुछ विशिष्ट लक्षण दिखाई देते हैं। बड़े लक्षणों में सीने में दर्द, खांसी में खून आना, सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी आदि शामिल हैं।
जनवरी महीने से अब तक सर्दी- खांसी के २,२१८ मरीज मिले हैं, इनमें ४१२ मरीज अगस्त महीने में पाए गए हैं। लेप्टो के १२९ मरीज, जबकि अगस्त महीने २९ मरीज मिले हैं। डेंगू के २५७, जबकि अगस्त महीने में ७३ मरीजों की पुष्टि हुई है। गैस्ट्रो के ३,८२२, जबकि अगस्त महीने में २३७ मरीज मिले हैं। स्वाइन फ्लू के २४७, जबकि अगस्त महीने में १३८ रोगी पाए गए हैं। पीलिया (हेपेटाइटिस) के ३४४, जबकि अगस्त महीने में २६ मरीज पाए गए हैं और चिकनगुनिया के जनवरी से अब तक ९ और अगस्त महीने में दो मरीज मिल चुके हैं।

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