मुख्यपृष्ठस्तंभसेहत का तड़का : योग से तंदुरुस्त रहती हैं टीना!

सेहत का तड़का : योग से तंदुरुस्त रहती हैं टीना!

एस. पी. यादव।  हिंदी और बंगाली फिल्मों में सक्रिय टीना दत्ता का जन्म २७ नवंबर १९९१ को कोलकाता में हुआ। इन दिनों बिग बॉस के घर में हंगामा मचा रही टीना सोशल मीडिया पर अपनी फिटनेस पोस्ट को लेकर छाई रहती हैं। पॉवर और एरियल योग अभ्यास के साथ-साथ तरह-तरह की फिटनेस टिप्स बातानेवाली टीना दत्ता अपनी फिटनेस का श्रेय ८० प्रतिशत डाइट और २० प्रतिशत एक्सरसाइज को देती हैं।

टीना दत्ता ने कोलकाता के बेहाला स्थित मेघमाला रॉय एजुकेशन सेंटर और सेंट पॉल बोर्डिंग ऐंड डे स्कूल से पढ़ाई करने के बाद कोलकाता यूनिवर्सिटी से ग्रैजुएशन पूरा किया। १९९२ में पांच साल की उम्र में उन्होंने ‘सिस्टर निवेदिता’ नामक धारावाहिक में बतौर बाल कलाकार अभिनय शुरू कर दिया। कई बंगाली धारावाहिकों में काम करने के बाद उन्होंने ‘चोखेरबाली’ और ‘परिणीता’ जैसी फिल्मों में भी काम किया। दक्षिण की फिल्मों में भी अभिनय किया। हालांकि २००९ में धारावाहिक ‘उतरन’ में इच्छा के किरदार ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वे अब ‘बिग बॉस’ में नजर आ रही हैं।

नियमित पावर और एरियल योग का अभ्यास
टीना दत्ता अपनी फिटनेस के लिए योग-अभ्यास करती हैं। वे नियमित पॉवर और एरियल योग का अभ्यास करती हैं। अपनी कलाइयों, बाजुओं और मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए वे ‘तुलासन’ करती हैं। इसी तरह शीर्षासन, बकासन, गरुड़ासन आदि उनके प्रिय योग-आसन हैं। उनका कहना है कि योग केवल चीजों को देखने का नजरिया ही नहीं बदलता बल्कि अभ्यास करनेवाले व्यक्ति को पूरी तरह रूपांतरित कर देता है।

प्रतिदिन जाती हैं जिम
टीना दत्ता नियमित जिम जाती हैं लेकिन जिम में वे कार्डियो, पिलाटे्स, स्ट्रेचिंग, ट्रेडमिल रनिंग जैसी कसरतें करती हैं। जिम करने के बाद वे साइक्लिंग करती हैं। पोल डांसिंग भी उनकी एक्सरसाइज रूटीन का हिस्सा है। उनका मानना है कि वार्म-अप और स्ट्रेचिंग के बिना कोई भी एक्सरसाइज पूरी नहीं होती है।

डाइट का विशेष ख्याल
टीना दत्ता अपनी डाइट का विशेष ख्याल रखती हैं। सुबह सबसे पहले खाली पेट गुनगुने पानी में नींबू मिलाकर पीती हैं। नाश्ते में उबले अंडे, ओट्स, ताजे फल, सैंडविच, पोहा आदि लेती हैं। वे दोपहर डेढ़ बजे के करीब लंच करती हैं, जिसमें दाल, रोटी, सब्जी, भुनी मछली या फिर चिकन शामिल होता है। दिन भर पानी, नारियल पानी आदि तरल पदार्थों का सेवन कर शरीर की स्वाभाविक नमी बनाए रखती हैं। वे हर हाल में रात आठ बजे तक डिनर कर लेती हैं। डिनर में अक्सर चिकन सूप, सब्जियां, सलाद शामिल होता है।

घर का खाना पसंद
टीना दत्ता को घर पर बना खाना पसंद है, विशेषकर अपनी मां के हाथों बना मछली-भात ( फिश करी और चावल) उनका सबसे पसंदीदा आहार है। वे हर शाम एक कप कॉफी पीती हैं। भूख लगने पर सूखे मेवे खाती हैं। पारंपरिक बंगाली व्यंजन शुक्तो, मिष्ठी दोई (मीठी दही), रसगुल्ला, आलू पोटोल पोस्टो, टमाटर, अनानास, पपीता, आम से बनी चटनी के साथ-साथ उन्हें चाइनीज और पंजाबी व्यंजन भी पसंद हैं।

शुक्तो की रेसिपी
सामग्री : दो-तीन आलू, एक बैंगन, एक कच्चा केला, एक खीरा, ५० ग्राम सहजन, ५० ग्राम सेम, एक करेला, एक छोटा कप उड़द की बड़ियां, एक तेजपत्ता, एक चम्मच पंचफोरन, आधा चम्मच हल्दी पाउडर, एक सूखी लाल मिर्च, एक चम्मच अदरक पेस्ट, आधा चम्मच राई के बीज, स्वादानुसार नमक।
विधि : सभी सब्जियों को पतले लंबे टुकड़ों में काट लें। कड़ाही में तेल गर्म कर सबसे पहले बड़ियों को प्रâाई कर निकाल लें। अब उसी तेल में राई, सूखी लाल मिर्च, तेज पत्ता और पंचफोरन डालकर सभी को भून लें। इसमें अदरक का पेस्ट डाल दें और उसे चलाते हुए हल्का-हल्का भून लें। जब अदरक और मसाला अच्छी तरह से भुन जाए तो उसमें सारी कटी हुई सब्जियां और प्रâाई की हुई बड़ियां डाल दें। इसमें हल्दी और स्वादानुसार नमक डालकर अच्छी तरह से मिला दें। इसके बाद जरूरत के हिसाब से इसमें पानी मिलाकर पांच-सात मिनट तक पकाएं। शुक्तो को चावल के साथ परोसें।
फायदे : विटामिन और खनिजों से भरपूर पारंपरिक बंगाली व्यंजन शुक्तो को आयुर्वेद ने औषधि माना है। इससे जहां शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है, वहीं कम कैलोरी होने के कारण यह वजन को नियंत्रित रखने में कारगर है। कैल्शियम और जिंक का अच्छा स्रोत होने के कारण यह हड्डियों और दांतों को मजबूती प्रदान करने में सहायक है।

(लेखक स्वास्थ्य विषयों के जानकार, वरिष्ठ पत्रकार व अनुवादक हैं। ‘स्वास्थ्य सुख’ मासिक के संपादक रह चुके हैं।)

अन्य समाचार