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नए-नवेलों का मंत्रिमंडल: ‘ईडी’ सरकार फिर हुई शर्मशार! …स्वास्थ्य मंत्री सावंत ने मांगी मराठा समाज से माफी

सामना संवाददाता / मुंबई
‘ईडी’ सरकार नए-नवेले मंत्रियों के कारण शर्मसार हो रही है। फिर एक मामला सामने आया है, जिसमें ‘ईडी’ सरकार को अपने मंत्रियों के बड़बोलेपन के कारण मुंह छुपाना पड़ रहा है।‌ मामला सूबे के स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत से जुड़ा है। उन्होंने विवादित बयान देकर मराठा समाज को आक्रोशित कर दिया और आखिरकार सावंत ने माफी मांगकर किसी तरह ‘ईडी’ सरकार की इज्जत बचाने की कोशिश की है।

‘ईडी’ सरकार के पहले मानसून सत्र के दौरान ही स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत के अनभिज्ञ जवाब के कारण ‘ईडी’ सरकार को विधानसभा में बेइज्जत होना पड़ा था। राज्य में कुपोषण के कारण कोई मौत न होने का उत्तर देने की वजह से भी राज्य सरकार की खूब फजीहत हुई थी। मंत्रिमंडल विस्तार, फिर विभागों का आवंटन और अब पालक मंत्रियों को लेकर राज्य सरकार में अंदरूनी कलह के सुर सुनाई दे रहे हैं। आपसी खींचतान के बीच राज्य का विकास ठप पड़ा हुआ है। इसी बीच नए नवेले मंत्रियों के ऊटपटांग बयानों को लेकर राज्य की जनता हैरान है। दरअसल रविवार को ‘मिंधे’ गुट के समर्थक व राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने विवादित बयान देकर मराठा समुदाय को नाराज कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि ‘ईडी’ सरकार की सरपरस्त महाशक्ति सकते में आ गई।

बीते रविवार को धाराशीव में हिंदू गर्व गर्जना संवाद यात्रा का आयोजन किया गया था। इस यात्रा में सावंत ने एक विवादित बयान दिया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि मराठा आरक्षण की खुजली सत्ता परिवर्तन के बाद उतर गई है। सावंत के इस बयान को लेकर मराठा क्रांति मोर्चा आक्रामक हो गया। मराठा क्रांति मोर्चा ने यहां तक चेतावनी दे दी कि सावंत को सड़क पर घूमने नहीं देंगे। आखिरकार सावंत ने मराठा समुदाय से माफी मांगकर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की है। साथ ही ‘ईडी’ सरकार की धूमिल हो रही छवि को ढकने का प्रयास किया है।

तत्काल करो हकालपट्टी! – नाना पटोले
मराठा समुदाय को आरक्षण दिलाने के लिए राज्य की तमाम पार्टियां जहां कोशिश कर रही हैं, वहीं शिंदे-फडणवीस सरकार में स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने बेहद आपत्तिजनक और गैरजिम्मेदाराना बयान दिया है कि ‘आरक्षण की खुजली’ दूर हो गई है। तानाजी सावंत का बयान सत्ता का घमंड दर्शाता है लेकिन महाराष्ट्र की जनता समझदार है, सत्ता की मस्ती वैâसे उतारनी है? उन्हें यह बखूबी मालूम है। उनका बयान मराठा समाज की बदनामी करनेवाला है। मराठा समाज की बदनामी करने के बारे में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सावंत के बयानों का खुलासा करें और निराधार बयान देनेवाले तानाजी सावंत को तुरंत वैâबिनेट से हकालपट्टी करें, ऐसी मांग कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने की है।

सत्ता में आते ही भूल गए -मुंडे
मंत्री बनने के बाद मराठा आरक्षण को लेकर तानाजी सावंत ने जो बोला है, इसको लेकर जनता उनके मंत्री पद को हमेशा के लिए छीन सकती है। कई लोगों ने आरक्षण के लिए बलिदान दिया है। मेरा मतलब है कि कोई भी ताम्र पत्र लेकर पैदा नहीं हुआ है। आज ये सब सत्ताधारी दल में आते हैं और चले जाते हैं। कम से कम आपको तो पता होना चाहिए कि आपने आरक्षण के लिए लड़ाई लड़ी है। आज सत्ता में आने पर आपको आरक्षण देना कठिन क्यों लग रहा है? ऐसे शब्दों में राकांपा नेता धनंजय मुंडे ने तानाजी सावंत के बयान पर जमकर खिंचाई की।

… तो सड़क पर घूमना कर देंगे मुश्किल!
धाराशिव में हिंदुत्व गर्जना के कार्यक्रम में बोलते हुए स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत ने मराठा आरक्षण के संदर्भ में विवादास्पद टिप्पणी की है। सावंत की इस वक्तव्य के बाद राज्यभर में निषेध व्यक्त किया जा रहा है, वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता सूरज चव्हाण ने स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत को तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है, अन्यथा रास्ते में घूमना मुश्किल कर देंगे, ऐसी चेतावनी दी है।

तानाजी सावंत को तुरंत समझाओ, अन्यथा भुगतने होंगे परिणाम!… मराठा समाज की ‘ईडी’ सरकार को चेतावनी
मराठा समुदाय के प्रति दिए गए विवादित बयान को लेकर स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत की खूब आलोचना हो रही है। मराठा क्रांति मोर्चा ने चेतावनी दी है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वास्थ्य मंत्री तानाजी सावंत को तत्काल समझाएं, अन्यथा गंभीर परिणाम भुगतने होंगे‌।
मराठा मोर्चा के समन्वयक विनोद पाटील ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री सावंत ने अजीबोगरीब बयान दिया है। उनके बयान की मैं सार्वजनिक रूप से निंदा करता हूं। मैं उनसे एक सवाल पूछना चाहता हूं कि अतीत में जब वे मंत्री बनना चाहते थे, तो यही मराठा युवा कार्यकर्ता आपके लिए प्रतिनिधिमंडल लेकर जाया करते थे। क्या आप वह दिन भूल गए हैं? आपने किसके बल पर और किस गलतफहमी में यह बयान दिया है? आपका बयान बहुत ही निम्न स्तर का है। मराठा समुदाय के ५० से अधिक युवाओं ने बलिदान देकर इस मराठा क्रांति मोर्चा को खड़ा किया है इसलिए राज्य में किसकी सरकार है और किसकी नहीं है? इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है। राज्य में कोई भी सरकार आए, मराठा समुदाय के युवाओं की मांग आरक्षण की थी और आरक्षण मिलने तक जारी रहेगी। हम स्थायी आरक्षण चाहते हैं। अगर हमारा आरक्षण ओबीसी से मिलेगा तो मराठा युवा ओबीसी से आरक्षण की मांग करेंगे। आप राज्य के वैâबिनेट मंत्री हैं, एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं। आपके व्यवहार से मराठा समाज की भी बदनामी हो रही है।

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