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शरद पवार का तंज; राजनैतिक फैसले ईडी लेती है… सांप्रदायिक उन्माद बढ़ानेवाले निर्णय लेती है मोदी सरकार!

सामना संवाददाता / मुंबई
समाज में जातीय उन्माद बढ़े, इस तरह के कई पैâसले भाजपा सरकार द्वारा लिए गए हैं। इन पैâसलों से लोगों के बीच कटुता और सामाजिक दूरियां बढ़ रही हैं, ऐसा हमला राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने किया है।
देश की सत्ता पर काबिज भाजपा से देश के सभी समाज के साथ एकता बनाए रखने की अपेक्षा थी। लेकिन भाजपा नेता समाज, धर्म और विभिन्न भाषाओं में विभाजन वैâसे होगा तथा कड़वाहट वैâसे बढ़ेगी, इस बात की भूमिका निभा रहे हैं, ऐसा गंभीर आरोप शरद पवार ने लगाया।
शरद पवार ने कहा कि केंद्र सरकार और भाजपा की इस भूमिका के खिलाफ हमने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष की दो बैठकें की हैं। एक बिहार में और दूसरी कर्नाटक में, उस बैठक में लगभग छह राज्यों के मुख्यमंत्रियों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया। आगामी बैठक ३१ अगस्त और १ सितंबर को मुंबई में होगी। इस बैठक में मोदी सरकार के खिलाफ एक जनमत वैâसे तैयार किया जाए और वैâसे जनता को एक विकल्प दिया जाए, इस पर चर्चा किए जाने की जानकारी उन्होंने दी।
जनसभा की दी जानकारी
इस बीच शरद पवार ने एक वीडियो ट्वीट करते हुए अपने एक जनसभा से जुड़ी बड़ी जानकारी दी है। शरद पवार ने अपने ट्वीट में कहा कि ‘देश पर आए हर संकट का बहादुरी से सामना करते हुए आगे बढ़ना ही महाराष्ट्र का इतिहास रहा है। किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के साथ बहुत अन्याय हुआ, हर उपेक्षित तत्व को न्याय मिले! की लड़ाई से महाराष्ट्र के हितों को हासिल करना है।’ राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार के समर्थन में आज गुरुवार १७ अगस्त २०२३ को दोपहर १ बजे पारस नगरी, माने कॉम्प्लेक्स, बीड के पास बड़ी संख्या में उपस्थित हों!’
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार ने अपने भतीजे से मुलाकात पर अपना स्टैंड क्लीयर कर दिया है। उन्होंने कहा कि पुणे में अजीत पवार के साथ उनकी मुलाकात को लेकर विपक्षी महाविकास आघाड़ी (एमवीए) गठबंधन के भीतर कोई भ्रम नहीं है।
भाजपा का प्रस्ताव दिया था क्या?
महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार और अजीत पवार की सीक्रेट मीटिंग को लेकर तरह-तरह के बयान सामने आ रहे हैं। मीडिया ने शरद पवार से पूछा कि अजीत पवार ने भाजपा के तीन प्रस्ताव आपको दिए थे क्या? इन तीन प्रस्तावों में तटस्थ रहने, पार्टी का मार्गदर्शन करने और ‘इंडिया’ महागठबंधन से नाता तोड़ने के लिए कहा गया था। मीडिया के इस सवाल पर शरद पवार ने कहा कि अजीत पवार के साथ हुई बैठक में किसी भी प्रकार की राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। मुझसे चर्चा कौन करेगा? जिस पार्टी में ये सभी नेता थे, उसका संस्थापक कौन है? उस पार्टी का वरिष्ठ व्यक्ति कौन है? कोई और इस पर चर्चा करने आएगा। ऐसे किसी व्यक्ति को महत्व देने का कोई कारण नहीं है।
‘मुझे कोई ऑफर नहीं मिला’
राकांपा नेता और सांसद सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा, ‘मुझे किसी प्रकार का कोई ऑफर नहीं दिया गया है। महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है। मुझे केवल १५ अगस्त पर मिलने वाले ऑफर्स के बारे में पता है। महाविकास आघाड़ी में फूट के संदर्भ में पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर न तो मैंने कोई जवाब दिया और न पवार साहब ने। जो इस प्रकार का बयान दे रहे हैं, उन्हें इस पर जवाब देना चाहिए।’ शरद और अजीत की मीटिंग के बाद चल रही अटकलों पर कहा, ‘मेरे लिए यह डेमोक्रेसी की बात है। जिसको जो बोलना है वह बोल सकता है। उन्होंने कहा कि मैं दिल्ली में रहती हूं तो कांग्रेस की लीडरशिप से लगातार मेरी बात होती है। मैं मेंबर ऑफ पार्लियामेंट हूं। इसलिए मेरा ज्यादा समय दिल्ली की लीडरशिप के साथ बीतता है।

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