मुख्यपृष्ठनए समाचारशीना बोरा कांड: सिंह को थी ‘परम' जानकारी! थे कोकण रेंज के...

शीना बोरा कांड: सिंह को थी ‘परम’ जानकारी! थे कोकण रेंज के आईजी

  • शीना के प्रेमी ने सीबीआई कोर्ट में किया खुलासा
  • परमबीर ने ही दी थी मिसिंग की शिकायत करने की सलाह

कुमार नागमणि / मुंबई

शीना बोरा मामले की जानकारी उसी समय परमबीर सिंह को होने का खुलासा हुआ है। शीना के प्रेमी राहुल मुखर्जी ने सीबीआई विशेष कोर्ट को बताया है कि २०१२ में परमबीर कोकण रेंज के आईजी थे। सूत्रों की मानें तो राहुल ने न्यायाधीश एस. नाईक निंबालकर के समक्ष दिए अपने बयान में बताया कि २०१२ में परमबीर ने ही उसके मां के दोस्त के माध्यम से मिसिंग शिकायत करने की सलाह दी थी। अब इस नए खुलासे से जांच में नया मोड़ आ गया है। इससे परमबीर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं।
बता दें कि इंद्राणी मुखर्जी के ड्राइवर श्यामवर राय को अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप में खार पुलिस ने २०१५ में गिरफ्तार किया था। राय ने अपने बयान में पुलिस को बताया था कि इंद्राणी ने अपने पूर्व पति संजीव खन्ना के साथ मिलकर अपनी बेटी शीना की हत्या की है। उसने पुलिस को बताया था कि २४ अप्रैल २०१२ को शीना बोरा की हत्या कर शव को रायगढ़ के एक जंगल में ठिकाने लगा दिया गया था। इस मामले में खार पुलिस ने इस मामले में इंद्राणी और उसके पति पीटर मुखर्जी को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि इंद्राणी कुछ दिन पहले ही साढ़े छह साल बाद जमानत पर रिहा हुई है।
राहुल के मां के दोस्त के संपर्क थे परमबीर
शीना बोरा हत्या मामले की सुनवाई सीबीआई की विशेष अदालत में हो रही है। इस मामले में शीना के प्रेमी राहुल मुखर्जी के अहम गवाह होने के कारण बयान दर्ज करना जरूरी था । लेकिन पिछली सुनवाई के दौरान राहुल कोरोना संक्रमण के चलते अनुपस्थित था। अब राहुल ने अपना बयान कोर्ट के सामने दर्ज कराया है। राहुल ने अपने बयान में कहा है कि २०१२ के तत्कालीन आईजी परमबीर सिंह जानते थे कि शीना लापता है। उसने यह भी बताया है कि परमबीर सिंह उसके मां के दोस्त के दोस्त हैं।
पुलिस ने शिकायत दर्ज कराने से किया था इंकार
राहुल ने कोर्ट को बताया कि परमबीर सिंह ने उस समय मुझे शीना के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए भी कहा था। जब मिसिंग की रिपोर्ट दर्ज कराने पुलिस स्टेशन गया तो पुलिस ने शिकायत दर्ज करने से इंकार कर दिया था। लेकिन परमबीर सिंह ने उस समय शिकायत दर्ज कराने में कोई भी मदद नहीं की थी। अब इस मामले में परमबीर सिंह के बयान दर्ज करने के साथ ही मुश्किल बढ़ती नजर आ रही हैं।

अन्य समाचार