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शिंदे ने अपनाया भाजपा का ‘विकास मॉडल’ : ठाणे में ‘ठगबंधन’! …शिवसैनिक को धोखे से शिंदे गुट में किया शामिल

२४ घंटे में पोल खुली
सामना संवाददाता / मुंबई
इन दिनों भाजपा लोकसभा चुनाव जीतने के लिए हर दांव आजमा रही है। ऐसे में वह विपक्षी नेताओं को ठगने से पीछे नहीं हट रही है। गत महीने भाजपा ने अमेठी में कांग्रेस के कॉर्डिनेटर विकास अग्रहरि को फर्जी तरीके से भाजपा में शामिल करके खबर भी छपवा दी थी। जबकि वे स्मृति ईरानी से किसी काम के सिलसिले में मिलने गए थे, तब उनके गले में पट्टा डालकर उन्हें भाजपा में शामिल बता दिया गया था। बाद में विकास ने उसका खंडन किया था। अब महाराष्ट्र के सीएम शिंदे ने भी भाजपा का यही ‘विकास मॉडल’ अपनाया और ठाणे में एक ठगबंधन कर डाला। पर २४ घंटे में ही उनकी पोल खुल गई।
मुंबई में किसी काम से मिलने आए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के एक पूर्व नगरसेवक पुरूषोत्तम चव्हाण को जबरन शिंदे गुट में प्रवेश करा दिया गया। इसके बाद २४ घंटे में ही चव्हाण अपने मूल शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष में लौट आए। गौरतलब है कि शिवसेना से गद्दारी कर भाजपा के साथ सत्ता में आए एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनने के बाद भी अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहे हैं। भाजपा के नक्शे कदम पर चलते हुए शिंदे ने भी शिवसैनिकों का ठगबंधन शुरू कर दिया है। हाल ही में ठाणे जिले के कल्याण मनपा का मामला सामने आया है, जहां पूर्व नगरसेवक चव्हाण क्षेत्र की समस्या लेकर मुख्यमंत्री शिंदे से मिलने गए तो उसे जबरन अपना पट्टा पहनाकर शिंदे गुट में प्रवेश करवा दिया गया। लेकिन जैसे ही चव्हाण को वक्त मिला वे अगले दिन फिर अपनी मूल पार्टी शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष में लौट आए। यह दिलचस्प मामला कल्याण लोकसभा क्षेत्र का है। दरअसल, कल्याण लोकसभा क्षेत्र से शिंदे के बेटे श्रीकांत चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में शिंदे अपने बेटे के पक्ष को मजबूत करने के लिए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के नेताओं को जबरन आपने साथ मिला रहे हैं। इसके लिए बड़ी संख्या में शिवसैनिकों का ठगबंधन किया जा रहा है। यह सब शिंदे अपने पुत्र मोह में कर रहे हैं। अपने दिल्ली के आकाओं को खुश करने के लिए शिंदे शिवसेना के लोगों पर दबाव बनाकर उन्हें अपने गुट में शामिल करा रहे हैं। पुरूषोत्तम चव्हाण ने दावा किया कि जब वे एक सामाजिक काम को लेकर मुख्यमंत्री के पास मिलने गए थे तो उन्हें शिंदे गुट में जबरन शामिल कराया गया था। चव्हाण ने कहा कि उस समय डोंबिवली में कुछ पदाधिकारियों का प्रवेश शुरू था। मेरा नंबर भी लगा दिया। उस समय मेरे हाथ में पार्टी का झंडा जबरन थमा दिया गया और मैं पार्टी में शामिल हो गया। चव्हाण के आरोपों के बाद कल्याण लोकसभा उम्मीदवार वैशाली दरेकर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और श्रीकांत शिंदे की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बच्चों के किडनैप करने वालों के साथ ही नेताओं को हाइजैक करनेवाला यह गिरोह इस समय कल्याण में सक्रिय है। इससे सभी कार्यकर्ता सावधान रहें, ऐसी अपील करती हूं।

 

 

 

 

 

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