मुख्यपृष्ठनए समाचारशिंदे गुट के मंत्री की बगावत : भाजपा से नहीं करेंगे युति!

शिंदे गुट के मंत्री की बगावत : भाजपा से नहीं करेंगे युति!

सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना से गद्दारी करके बनी शिंदे-फडणवीस यानी ‘ईडी’ सरकार के बीच जंग शुरू हो गई है। सरकार स्थापना के बाद आगामी सभी चुनाव शिंदे गुट और भाजपा युति मिलकर लड़ेगी, ऐसा दावा दोनों दलों के नेताओं द्वारा कई बार किया गया था। लेकिन कल मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट के मंत्री अब्दुल सत्तार ने मीडिया से बातचीत में बगावत का बिगुल बजा दिया है। उन्होंने कहा कि हम अपने निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के साथ युति नहीं करेंगे। अब्दुल सत्तार ने आगे कहा कि हर निर्वाचन क्षेत्र में परिस्थितियों का आकलन करके भाजपा और शिंदे गुट के बीच मैत्रीपूर्ण लड़ाई पर शिंदे और फडणवीस को विचार करना चाहिए। जिससे चुनकर आने के बाद सत्ता स्थापना करने में सहूलियत होगी। अब्दुल सत्तार के इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
दिल्ली और मुंबई में हम आपके साथ नगर निगम, जिला परिषद में रहेंगे। स्थानीय स्तर पर एकनाथ शिंदे और भाजपा केवल दो दल हैं इसलिए इन दोनों के बीच दोस्ताना लड़ाई होनी चाहिए। जो भी निर्वाचित होगा, वह सत्ताधारी यानी मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का कार्यकर्ता होगा। चुनाव चिह्न कुछ भी मिले, हम अवश्य जीतकर अपने बल पर आएंगे, ऐसा दावा सत्तार ने किया। मैं एक कार्यकर्ता हूं और एक कार्यकर्ता कभी किसी चीज से नहीं डरता। कार्यकर्ता का पद कोई नहीं छीन सकता। विधायक, सांसद, मंत्री का पद जाएगा, कुछ और पद जाएंगे, लेकिन कार्यकर्ता का पद कभी नहीं जाता, ऐसा सत्तार ने कहा।

सरनाईक के खिलाफ जनहित याचिका
शिंदे गुट के विधायक प्रताप सरनाईक द्वारा बहुमंजिला इमारत निर्माण के लिए ठाणे में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित ३७ हजार वर्ग मीटर जमीन हड़पने के मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। ठाणे में अवर लेडी ऑफ मर्सी चर्च के निवासियों द्वारा जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि ठाणे में ईसाई समुदाय के लिए कब्रिस्तान की जगह अपर्याप्त है। ठाणे मनपा ने दो विकास योजनाओं में शहर के लिए १० भूखंड आरक्षित किए थे। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि एक भी भूखंड का हस्तांतरण नहीं किया गया है। भायंदर पाड़ा, जीबी रोड जहां प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन बनाया जाना है, वहां एक भूखंड को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित किया गया था। याचिकाकर्ता जब इस भूखंड की वर्तमान स्थिति देखने गए तो पता चला कि संबंधित भूखंड प्रताप सरनाईक के विहंग ग्रुप ऑफ कंपनीज की एक बहुमंजिला इमारत के लिए अनारक्षित है।

शिंदे-सरनाईक भिड़े!
शिंदे गुट को सत्ता में आए लगभग तीन महीने हो चुके हैं। इस बीच मंत्री पद को लेकर तमाम घोटालों, संरक्षक मंत्री पद को लेकर नाराजगी के बाद अब एक नया मामला सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और शिंदे गुट के विधायक प्रताप सरनाईक के बीच तीखी नोक-झोंक की खबरें आई हैं। सूत्रों के मुताबिक एकनाथ शिंदे प्रताप सरनाईक पर भाजपा के एक पूर्व विधायक के लिए ओवला माजीवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र छोड़ने का दबाव बना रहे हैं। इससे दोनों के बीच दरार पैदा हो गई है। पता चला है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इस बीच प्रताप सरनाईक के बेटे पूर्वेश सरनाईक ने ट्वीट किया है। ‘दो दिल एक जान है हम’ कहकर उन्होंने दिखा दिया कि उनके बीच सबकुछ ठीक है। इतना ही नहीं, कल हो रहे एक कार्यक्रम में जब एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस मंच पर मौजूद थे तो शिंदे ने भीड़ में बैठे सरनाईक को मंच पर बुलाया और दिखाया कि उनके बीच सब कुछ ठीक है।

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