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शिंदे-फडणवीस और पवार, इस तिकड़ी को बैठाओ घर! …दादा के बयान पर विद्यार्थियों में भड़का क्रोध

• सरकारी विभागों में बाहरी जनशक्ति का विरोध
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्य के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार अपने बेबाक बयानों के लिए मशहूर हैं, लेकिन अक्सर उनके बयान उन पर ही भारी पड़ जाते हैं। ऐसी ही एक घटना इस समय राज्य में घटी है। राज्य सरकार ने आगे से कई विभागों में महत्वपूर्ण पदों पर निजी एजेंसियों के माध्यम से जनशक्ति रखने का निर्णय लिया है। इससे प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र ईडीए सरकार से नाराज हैं। इस बीच अजीत पवार ने एक बार फिर खुलासा किया है कि राज्य सरकार सरकारी कर्मचारियों को नौकरी पर रखने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के वेतन पर खर्च बहुत ज्यादा होता है और इतने वेतन में तीन-चार कर्मचारी निजी कंपनी के गुणवत्तापूर्ण काम कर सकते हैं।
उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के बयान से राज्य भर के छात्रों ने अपना गुस्सा ईडीए सरकार पर जाहिर किया है। प्रतियोगी परीक्षा समन्वय समिति ने पवार के उक्त बयान का विरोध किया है और सरकारी कर्मचारियों की भर्ती का विरोध कर रहे मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार की तिकड़ी को अगले चुनाव में घर बैठाने का आह्वान ट्वीट के माध्यम से किया गया है।
वित्त मंत्री के रूप में अजीत पवार का काम किसी निजी एजेंसी को दिया जाना चाहिए, क्योंकि उनके कर्मचारियों और श्रमिकों पर होनेवाला खर्च अधिक है। यह खर्च वित्त मंत्री और ४ अन्य मंत्रियों का खर्च पूरा कर सकता है, ऐसा उमेश कोर्राम स्टूडेंट राइट्स असोसिएशन ऑफ इंडिया ने अपने ट्वीट में कहा है।

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