मुख्यपृष्ठनए समाचारशिंदे-फडणवीस सरकार अस्थाई!गद्दारों के साथ भी हुई ‘गद्दारी’...युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे का तंज

शिंदे-फडणवीस सरकार अस्थाई!गद्दारों के साथ भी हुई ‘गद्दारी’…युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे का तंज

सामना संवाददाता / मुंबई
अब हंसने से क्या हासिल होगा, जो गद्दारी हुई उससे क्या हासिल हुआ? शुरूआत में जो गुवाहटी गए, उसमें से कितनों का विश्वास रखा गया है? उनके साथ भी विश्वासघात हुआ है, जिनके पास आगे बढ़ने का अवसर था, उनका भी राजनीतिक करियर इस ‘गद्दारी’ के कारण खत्म होने को है। ‘पचासवें थर’ से बड़े लोगों ने उन्हें लात मारकर मलाई खाई। शिंदे-फडवीस की सरकार अस्थाई है। इन शब्दों मे कल विधान भवन में पत्रकारों को संबोधित करते हुए शिवसेना नेता व युवासेनाप्रमुख आदित्य ठाकरे ने बागी विधायकों पर निशाना साधा।
आदित्य ठाकरे ने शिंदे-फडणवीस सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि अब लोगों को भी लगने लगा है कि यह सरकार लोकतंत्र विरोधी है। किसानों और महिला अत्याचार पर ध्यान नहीं है। उन्हें सिर्फ ठाकरे पर टिप्पणी करना ही आता है। हालांकि हमें जनता का भरपूर समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि दही-हंडी के जीआर को लेकर असमंजस है। कह रहे हैं कि कई मंडल मेरे पास आ रहे हैं। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से संकेत दिया कि संभाजीनगर (प.) के विधायक संजय शिरसाट के साथ भी विश्वासघात हुआ है। बागी विधायकों की आंखों में धूल झोंकी जा रही है। वर्तमान में जो कुछ चल रहा है, वह लोकतंत्र और राज्य के लिए अच्छा नहीं है।
राज्य की ९२ नगर परिषदों, ४ नगर पंचायतों और २७१ ग्राम पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कल सुनवाई टाल दी गई। इस मामले में ५ हफ्ते बाद सुनवाई होगी और तब तक कोर्ट ने स्थिति ‘जस की तस’ बनाए रखने का आदेश दिया है। कोर्ट ने इस मामले में भी सुनवाई के लिए स्पेशल बेंच गठित करने का आदेश दिया है। इस पर आदित्य ठाकरे ने कहा कि अदालत का फैसला बहुत महत्वपूर्ण है। मार्च-अप्रैल के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि मार्च से पहले वॉर्ड संरचना अंतिम होगी। लेकिन राज्य में सरकार बदल गई और अस्थाई सरकार आ गई। नई सरकार ने अपनी सुविधा के अनुरूप वॉर्ड संरचना बदल दी है। कुल मिलाकर, वॉर्ड संरचना और आरे का निर्णय केवल शिंदे-फडणवीस के स्वार्थ हितों के लिए है। ये निर्णय मुंबई या महाराष्ट्र की जनता के हितों को न देखते हुए लिया गया है।

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