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शिवसैनिक ‘झुकनेवाले’ नहीं!…. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने की सपरिवार ‘फायर दादी’ से मुलाकात

सामना संवाददाता / मुंबई । पुष्पा फिल्म के डायलॉग बोलकर शिवसैनिकों का मनोबल बढ़ानेवाली ८२ वर्षीय चंद्रभागा गणपत शिंदे सुर्खियों में हैं। उन्हें ‘फायर दादी’ के नाम से पूरा महाराष्ट्र पहचानने लगा है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल सपरिवार उनके घर जाकर मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। मुख्यमंत्री ने यह कहते हुए उनकी प्रशंसा की कि दादी आज भी मन से युवा सैनिक हैं। मेरे शिवसैनिक इसी तरह हैं और झुकनेवाले नहीं हैं।
दादी परेल के भोईवाड़ा इलाके में रहती हैं। गली के किराना दुकानदार से लेकर पुलिसवाले सभी उन्हें दादी कहकर बुलाते हैं। शनिवार को तपती दुपहरी में हजारों शिवसैनिकों ने ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा पढ़ने की चुनौती देनेवाले राणा दंपति के घर का घेराव किया था। इसमें चंद्रभागा शिंदे भी शामिल थीं। एक युवा भी सहम जाए, ऐसा उत्साह और चेतना से लबरेज दादी ने सबका ध्यान आकर्षित किया। वे पूरे महाराष्ट्र में ‘फायर दादी’ के नाम से मशहूर हो गर्इं। उद्धव ठाकरे ने दादी को तुरंत ‘मातोश्री’ पर बुलाया और उनका अभिनंदन किया। कल शाम को ‘फायर दादी’ से मिलने शिवसेनापक्षप्रमुख व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ श्रीमती रश्मि ठाकरे, पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे और तेजस ठाकरे उनके घर पहुंचे। इस अवसर पर उनके स्वागत के लिए सैकड़ों शिवसैनिक उपस्थित थे। ‘एसआरए’ की बिल्डिंग में छोटे से कमरे में मुख्यमंत्री मिलने आ रहे हैं, यह सुनकर न केवल शिंदे परिवार बल्कि पूरी बिल्डिंग के लोगों में उत्साह का माहौल था।
सपरिवार पहुंचे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आरती उतारी गई। मुख्यमंत्री ने दादी का आशीर्वाद लिया तो श्रीमती रश्मि ठाकरे ने दादी को गले लगाकर अपनापन जताया। ठाकरे परिवार का प्यार पाकर ऐसा लगा मानो ‘फायर दादी’ आज फ्लावर दादी हो गई हैं! मुख्यमंत्री ने शिंदे परिवार का हालचाल पूछा, उनके साथ तस्वीरें खिंचवाई। इसके बाद दादी ने मुख्यमंत्री को अपने नाती के शादी की निमंत्रण पत्रिका दी और वैवाहिक कार्यक्रम में परिवार सहित शामिल होने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि वे जरूर आएंगे। एक छोटी-सी खोली में परिवारों का संवाद रंगा हुआ था। दादी सहित अन्य महिला शिवसैनिकों को मुख्यमंत्री ने ‘वर्षा’ पर आने का निमंत्रण दिया।
शिवसेना द्वारा दिया गया मुझे सबसे बड़ा आशीर्वाद
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि शिवसेनाप्रमुख कहते थे कि इंसान को उम्र से नहीं बल्कि मन से युवा होना चाहिए। शिंदे दादी ऐसी ही हैं। अभी भी उन्हें मन से लगता है कि वे युवासेना की कार्यकर्ता हैं। दादी जैसे शिवसैनिक यही शिवसेना द्वारा दिया गया मुझे सबसे बड़ा आशीर्वाद है।

छलक पड़े खुशी के आंसू
श्रीमती रश्मि ठाकरे ने ‘फायर दादी’ को जब पेड़ा खिलाया तो दादी की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। दादी ने कहा कि शिवसेना में कितने वर्षों तक काम किया, उसका फल मुझे मिल रहा है। साहेब आपके पीठ पीछे जो कौवे कांव-कांव करते हैं, वह सहन नहीं होता। शिंदे परिवार से मुलाकात करके जब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे बिल्डिंग से उतर रहे थे, तब वहां उपस्थित महिला शिवसैनिकों ने तस्वीर खिंचाने की विनती की। मुख्यमंत्री ने उनके अनुरोध को स्वीकार किया। इसके बाद उनका काफिला ‘मातोश्री’ की दिशा में रवाना हो गया।

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