मुख्यपृष्ठनए समाचारमंत्रालय में आंदोलन करनेवाले शिवसेना विधायक गिरफ्तार!

मंत्रालय में आंदोलन करनेवाले शिवसेना विधायक गिरफ्तार!

सामना संवाददाता / मुंबई
पूरे राज्य में भड़की मराठा आंदोलन की चिंगारी कल मंत्रालय तक पहुंच गई। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और अन्य दलों के मराठा विधायकों ने सीधे मंत्रालय के मुख्य दरवाजे को ताला लगा दिया। मराठा आरक्षण के लिए विशेष सत्र बुलाया जाए अन्यथा एक भी मंत्री को अंदर नहीं जाने दिया जाएगा, ऐसी मांग करते हुए विधायकों ने सीढ़ियों पर प्रदर्शन किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर विधायकों को हिरासत में लिया और दरवाजा दोबारा खोल दिया।
सह्याद्रि गेस्ट हाउस में मराठा आरक्षण को लेकर सर्वदलीय बैठक चल रही थी, उसी समय मंत्रालय में अचानक हुए इस आंदोलन से पुलिस के होश उड़ गए। इस आंदोलन में १६ विधायक शामिल हुए थे। उन्होंने मंत्रालय भवन के दरवाजे के हैंडल के चारों ओर एक जंजीर लपेट दी और उसे बंद कर दिया। पुलिस ने आंदोलन कर रहे विधायकों को गाड़ी में भर दिया। उस वक्त पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। करीब एक घंटे तक विवादित स्थिति बनी रही।
इन विधायकों में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) विधायक वैâलास पाटील और राहुल पाटील, अजीत पवार गुट के दिलीप बनकर, यशवंत माने, नीलेश लंके, अमोल मिटकरी, राजू नवघरे, चेतन तुपे, शेखर निकम, राजेश पाटील, बालासाहेब पाटील, बालासाहेब अजबे, कांग्रेस के विक्रम काले, सुनील शेलके, दिलीप बुनकर, बाबाजानी दुर्रानी और मोहनराव उंबरडे ने हिस्सा लिया।
पुलिस की गाड़ी में गिरफ्तार शिवसेना के वैâलास पाटील ने कहा, ‘मराठा समुदाय आरक्षण चाहता है। उसके लिए विशेष सत्र बुलाया जाए। यदि मराठा आंदोलन रोकना है तो आरक्षण का निर्णय समय रहते करना होगा। सरकार जान-बूझकर देरी कर रही है।’

चाबी के साथ विधायकों को किया बंद!
पुलिस ने आनन-फानन में आंदोलनकारी विधायकों को गाड़ी में बिठाया और ‘बच गए बाबा’ कहते हुए राहत की सांस ली। लेकिन तुरंत उन्हें ध्यान आया कि दरवाजे पर लगे ताले की चाबी विधायकों के पास ही रह गई है। इस पर दौड़कर पुलिस दोबारा कार के पास पहुंची और विधायक से चाबी देने की विनती की तब जाकर वह दरवाजा खोला गया।

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