मुख्यपृष्ठखबरेंशिवसेना का राज्यपाल को पत्र, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की दिलाई याद,...

शिवसेना का राज्यपाल को पत्र, सुप्रीम कोर्ट के फैसले की दिलाई याद, कहा- सरकार गैरकानूनी! मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल को न दें कोई अधिकार

सामना संवाददाता / मुंबई
बागी विधायकों की अयोग्यता के बारे में शिवसेना की ओर से दायर की गई याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय की स्वतंत्र खंडपीठ सुनवाई करेगी। तब तक राज्य की वर्तमान सरकार गैरकानूनी ही है। शिवसेना ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को कल पत्र लिखकर सुप्रीम कोर्ट के पैâसले की याद दिलाई। साथ ही पत्र में उल्लेख है कि मुख्यमंत्री सहित मंत्रिमंडल को कोई भी अधिकार न दिया जाए।
शिवसेना भवन में आयोजित पत्रकार परिषद में शिवसेना नेता-सांसद संजय राऊत ने यह जानकारी दी। शिवसेना नेता सुभाष देसाई ने शिवसेना की ओर से राज्यपाल कोश्यारी को यह पत्र दिया है। ‘शिवसेना ने ३९ बागी विधायकों की अयोग्यता के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इन विधायकों ने एक अलग गुट स्थापित करने का प्रयास किया। उस पर ११ जुलाई को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने बागी गुट को राहत दी। उनकी भूमिका स्वीकार की ऐसा संदेह व्यक्त किया जा रहा है’, ऐसा सांसद संजय राऊत ने इस अवसर पर कहा। ‘देश के मुख्य न्यायाधीश रमणा ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट रूप से कहा था कि यह मामला बेहद गंभीर है और राज्य के संवैधानिक घटनाक्रम से संबंधित है।

सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने उस समय सरकार का पक्ष रखने की कोशिश की। तब मुख्य न्यायाधीश ने जिरह न करने की सलाह दी। यह पूरा मामला हमें विस्तार से सुनना है। उसके लिए स्वतंत्र खंडपीठ स्थापित करेंगे। तब तक स्थिति को जस की तस बनाए रखने का निर्देश कोर्ट ने दिया’, ऐसा संजय राऊत ने बताया।

शिवसेना ने कल राज्यपाल को दिए पत्र में सुप्रीम कोर्ट की इस भूमिका के बारे में राज्यपाल को अवगत कराया है, ऐसा संजय राऊत ने बताया। बागियों पर अयोग्यता की तलवार लटक रही है और उस पर स्वतंत्र खंडपीठ में सुनवाई होनी है। तब तक यह सरकार और मुख्यमंत्री का पद गैरकानूनी है। लिहाजा, आगामी दिनों में राज्यपाल किसी भी मंत्री को शपथ न दिलाएं और इस सरकार को कोई अधिकार न दें। ये कार्यवाहक सरकार है। किसी भी लाभ के पद या कोई भी शपथ दिलाना यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार गैरकानूनी साबित होगा, ऐसा पत्र में उल्लेख किए जाने की जानकारी उन्होंने दी। राजभवन से इसके आगे कोई संविधान के बाहर काम नहीं होगा, ऐसा भरोसा महाराष्ट्र को है। यह कानून की लड़ाई है और वह शुरू ही रहेगी, ऐसा भी संजय राऊत ने स्पष्ट किया।

बॉक्स

बागियों पर अयोग्यता की तलवार लटक रही है और उस पर स्वतंत्र खंडपीठ में सुनवाई होनी है। तब तक यह सरकार और मुख्यमंत्री का पद गैरकानूनी है। लिहाजा, आगामी दिनों में राज्यपाल किसी भी मंत्री को शपथ न दिलाएं और इस सरकार को कोई अधिकार न दें। शिवसेना नेता सुभाष देसाई ने शिवसेना की ओर से राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी को यह पत्र दिया है।

अन्य समाचार