मुख्यपृष्ठनए समाचारधारावीकरों के अधिकार के लिए १६ दिसंबर को शिवसेना का प्रचंड मोर्चा!...

धारावीकरों के अधिकार के लिए १६ दिसंबर को शिवसेना का प्रचंड मोर्चा! … सरकार, अडानी से मांगेंगे जवाब

सामना संवाददाता / मुंबई
धारावी पुनर्विकास परियोजना को स्पेशल प्रोजेक्ट घोषित करने के बाद भी धारावीकरों को केवल ३०० वर्ग फुट की जगह देने की साजिश सरकार ने की है। इतना ही नहीं, विकासक अडानी पर केवल सहूलियतों की बारिश इस सरकार ने की है। कोई भी आपत्ति और सूचना मंगाए बिना सरकार ने सीधे विकास की जिम्मेदारी दे दी है। खासकर इस स्थान का टीडीआर मुंबई में कहीं भी इस्तेमाल करने की सहूलियत अडानी को दिए जाने से अन्य विकासकों को पहली बार टीडीआर इस्तेमाल करना है, तो अडानी से अनुमति लेनी पड़ेगी। यह मामला यानी ‘सारी मुंबई अडानी की’ ऐसा है। इसी में सर्वे लटक गया है और पुनर्विकास को लेकर धारावीकरों को कोई भी जानकारी नहीं दी जा रही है। इसलिए सरकार और अडानी से जवाब मांगने के लिए १६ दिसंबर को धारावी से अडानी कार्यालय पर प्रचंड मोर्चा निकाला जाएगा। इस तरह की घोषणा शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल की। उद्धव ठाकरे खुद मोर्चा का नेतृत्व करेंगे।
शिवसेना के नरीमन प्वाइंट स्थित ‘शिवालय’ राज्य संपर्क कार्यालय के नूतनीकरण का उद्घाटन उद्धव ठाकरे के हाथों हुआ। इस दौरान पत्रकार परिषद में उन्होंने मुंबई समेत देश के विभिन्न मुद्दों को उठाया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि धारावी पुनर्विकास परियोजना में स्थानीय भूमिपुत्रों को विश्वास में नहीं लिया गया। इस परियोजना में कितनी जगह मिलेगी, कौन-सी सुविधाएं मिलेंगी, इस बारे में किसी तरह की जानकारी धारावीकरों को सरकार अथवा विकासक की तरफ से नहीं दी गई है। धारावी भले ही झोपड़पट्टी है, लेकिन इस जगह की कीमत सोने के जैसी है। इसीलिए ही इस जगह पर विकासकों की नजर है। उन्होंने कहा कि इस जगह अब तक केवल ५८ हजार झोपड़ों का सर्वेक्षण हुआ है। अभी भी ८० से ९० हजार झोपड़ाधारक पात्र-अपात्र की सीमा पर हैं। उन्होंने सवाल पूछा कि क्या इन झोपड़ाधारकों को विकासक अडानी धारावी से बाहर निकाल देंगे? अन्य स्थानों के विकास में कम से कम ४०० फुट का घर मिलता है। फिर धारावीकरों को ही ३०० वर्ग फुट का घर देकर अन्याय क्यों कर रहे हो? उन्होंने जोर देकर यह भी मांग की कि यहां पीढ़ी-दर-पीढ़ी रहनेवाले धारावीकरों का लघु-सूक्ष्म उद्योगों के साथ जगह मिलनी ही चाहिए। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि धारावी बचाव अभियान के तहत धारावीकरों के अधिकार के लिए शिवसेना लड़ती रहेगी। इस जगह निर्माण होनेवाली परियोजना में पहले धारावीकरों को जगह देने के बाद गिरणी कामगार, पुलिस, सरकारी कर्मचारी, सफाई कर्मचारियों को भी आवास दें, इस तरह की मांग उन्होंने इस दौरान की। १६ दिसंबर को दोपहर तीन बजे मोर्चा निकलेगा और अडानी के कार्यालय पर पहुंचेगा।
बीडीडी की तर्ज पर करो पुनर्विकास!
उद्धव ठाकरे ने कहा कि विकासक को दी गई विशेष सहूलियतों और ४० फीसदी शर्त के कारण अन्य विकासकों का टीडीआर कोल्ड स्टोरेज में चला जाएगा। इस कारण टीडीआर की दर कहीं अधिक तो कही कम रहेगी। इससे विकासक को लाभ होगा। उन्होंने मांग की कि विकासक का भला करने की अपेक्षा टीडीआर कंपनी स्थापना करके अधिकार खुद के पास रखो। बीडीडी चाल का जैसे विकास म्हाडा के माध्यम से हो रहा है, उसी तर्ज पर धारावी का पुनर्विकास करो, टीडीआर बैंक का कब्जा सरकार खुद अपने पास रखे और टीडीआर सरकार द्वारा खरीदा जाए। इस तरह की मांग उन्होंने की।
…तो शिवसेना उखाड़ फेंकेगी सर्वे!
टीडीआर का दुरुपयोग किए जाने से एयरपोर्ट अथॉरिटी का विकास फिलहाल विकासक के कब्जे में है, इसलिए अडानी को धारावी उपहार में देनेवाली सरकार धारावी में ही टीडीआर का दुरुपयोग होने पर अडानी को जेल में डालने की हिम्मत दिखाएगी क्या, ऐसा सवाल भी उन्होंने किया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि धारावी का सर्वे करते समय पैसों के बल पर दमनशाही और धमकी दी तो शिवसेना उसे उखाड़ फेंकेगी। उद्धव ठाकरे ने जोर देते हुए कहा कि शिवसेना को ताकत दिखाने के लिए सत्ता की जरूरत नहीं है। शिवसेना की ताकत सड़क पर उतरनेवाली है।
अडानी की जेब में तीन और परियोजनाएं
मुंबई में इस समय नियोजन शून्य कामकाज के कारण भारी प्रदूषण बढ़ा है। इस प्रदूषण को कम करने के लिए तकनीक लेना जारी है। इन तकनीकों के लिए फिर से कॉन्ट्रैक्टर नियुक्त किए जा रहे हैं। उद्धव ठाकरे ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा कि मुंबई में प्रस्तावित अभ्युदय नगर, आदर्श नगर और बांद्रा रेक्लेमेशन क्लस्टर प्रोजेक्ट जैसी बड़ी परियोजनाएं अडानी की जेब में डालने की साजिश चल रही है। उन्होंने ललकारते हुए कहा कि केवल अडानी का भला करने का विचार शिवसेना को कतई मंजूर नहीं है।

‘घाती’ मुंबई को खत्म करने का पाप न करें!
मराठी लोगों ने १९६० में खून बहाकर, बलिदान देकर मुंबई हासिल की है, इसलिए यह मुंबई हम किसी के गले में नहीं डालने देंगे। इस तरह की चेतावनी भी इस दौरान उद्धव ठाकरे ने दी। उन्होंने इस दौरान आह्वान किया कि इसके लिए १६ दिसंबर को दोपहर तीन बजे निकलनेवाले मोर्चे में शिवसैनिकों के साथ ही सभी मुंबई प्रेमी बड़ी संख्या में शामिल हों। धारावीकरों को अपनी जगह विकासक को हड़पने न दें। कोई भी समस्या आने पर बेहिचक शिवसेना के पास आएं। शिवसेना के मर्द आपकी मदद करेंगे। इस तरह का आश्वासन देते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि कुर्सी के लिए घातियों को मुंबई को खत्म करने का पाप नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मुंबई की तरफ बुरी नजर से देखे तो याद रखो। उन्होंने कहा कि मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में इस समय बढ़कर आ रहे बिजली बिलों के कारण आम लोग हैरान हो गए हैं, इसलिए मोर्चा में इस पर भी जवाब मांगा जाएगा।

अन्य समाचार