मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनाशिव ही शिव होगा!... भोलेनाथ दूर करेंगे रोग, दोष एवं संकट

शिव ही शिव होगा!… भोलेनाथ दूर करेंगे रोग, दोष एवं संकट

चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि और मार्च की अंतिम शिवरात्रि है। हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा भगवान शिव को भांग, धतूरा, बेलपत्र, सफेद फूल, सफेद चंदन, गंगाजल, गाय का दूध, शक्कर, शहद, शमी पत्ता, मदार पुष्प आदि अर्पण एवं ​ओम नम:​ शिवाय मंत्र का उच्चारण के साथ करते हैं। भगवान भोलेनाथ की पूजा से रोग, दोष, पाप, कष्ट, संकट सब मिट जाते हैं, जीवन में शिव ही शिव होता है। पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि आज दोपहर ०१ बजकर १९ मिनट पर शुरू हो रही है। इसका समापन कल दोपहर १२ बजकर २२ मिनट पर होगा। ऐसे में चैत्र की मासिक शिवरात्रि आज मनाई जाएगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि को रा​त्रि प्रहर में भगवान शिव के मंत्रों का जाप किया जाता है, जिससे विशेष सिद्धियां प्राप्त होती हैं। इस दिन आप शिव चालीसा, शिव मंत्रों के जाप, शिव आरती और शिवरात्रि व्रत की कथा का पाठ करके भगवान शिव को प्रसन्न किया जा सकता है। आज शुभ योग दोपहर ०१ बजकर ०२ मिनट तक है, उसके बाद शुक्ल योग लगेगा। साथ ही शतभिषा नक्षत्र सुबह १० बजकर ४९ मिनट तक है, उसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र लगेगा। मासिक शिवरात्रि के दिन ये दोनों ही योग और नक्षत्र मांगलिक कार्यों के लिए शुभ है।

पूजा मुहूर्त
शिवरात्रि की पूजा कभी कर सकते हैं। हालांकि रात्रि के प्रहर में शिवरात्रि की पूजा करने का विधान है। शिवरा​त्रि की पूजा का मुहूर्त रात १२ बजकर ०२ मिनट से १२ बजकर ४८ मिनट तक है। इस मुहूर्त में आप मासिक शिवरा​त्रि की पूजा कर सकते हैं।

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