मुख्यपृष्ठनए समाचारइजरायल के समर्थक अमेरिका को झटका ... दीपावली का न्योता ठुकराया!

इजरायल के समर्थक अमेरिका को झटका … दीपावली का न्योता ठुकराया!

• बाइडन पर भड़की कनाडियन लेखिका
• कहा बच्चों की निर्मम हत्या अमेरिका कैसे देख सकता है
रूपी कौर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए अमेरिकी सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि हमास युद्ध में मृतकों में ७० प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं। अपना रुख स्पष्ट करते हुए गाजा पर इजरायल के हमलों का विरोध किया और कहा कि हमने इजरायल को सफेद फॉस्फोरस बमों का इस्तेमाल करते देखा है, यहां प्रतिबंधित युद्ध सामग्री पर बैन होने के बावजूद इसका खुलकर इस्तेमाल किया जा रहा है। युद्ध में नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

हमास और इजरायल के बीच जंग को लेकर अब दो गुट बनने लगे हैं। एक जो इस युद्ध में इजरायल का समर्थन कर रहा है तो दूसरा जो हमास के समर्थन में हैं। इस लड़ाई में इजरायल का खुलकर समर्थन करनेवाले अमेरिका को झटका लगा है। अब कनाडा की एक लेखिका ने अमेरिका की आलोचना की है और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के दीपावली निमंत्रण को ठुकरा दिया है। कनाडा की लेखिका और कवयित्री ३१ साल की रूपी कौर ने व्हाइट हाउस के दीपावली इवेंट के इन्विटेशन को अस्वीकार किया है। रूपी ने अमेरिकी सांसदों की आलोचना करते हुए कहा कि मुझे आश्चर्य है कि बाइडेन प्रशासन आखिर ऐसे हालात में दिवाली  कैसे सेलिब्रेट कर सकते हैं। मिल्क एंड हनी की लेखिका ने कहा कि दिवाली असत्य पर धार्मिकता और अज्ञान पर ज्ञान का उत्सव है। इसीलिए दीपावली इवेंट का इन्विटेशन मैंने ठुकरा दिया। उन्होंने कहा कि हमने एक समाचार चैनल पर इजरायली निवासियों की ओर से वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों को बाहर निकालने और उनके घरों पर कब्जा करने के फुटेज देखे हैं। उन्होंने कहा कि एक सिख महिला होने के नाते मैं इजराइल सरकार की कार्रवाइयों पर पर्दा डालने के लिए अपनी फोटोज का इस्तेमाल नहीं होने दूंगी। मैं ऐसी संस्था के किसी भी निमंत्रण को अस्वीकार करती हूं जो युद्ध में फंसे नागरिकों को सामूहिक सजा देने का समर्थन करती है, जिनमें से ५० प्रतिशत बच्चे हैं।

कौन हैं रूपी कौर?
रूपी कौर कनाडा की फेमस कवयित्री, चित्रकार, फोटोग्राफर और लेखिका हैं। रूपी कौर अपनी किताब-हीलिंग थ्रू वर्ड्स, होम बॉडी, मिल्क एंड हनी आदि के लिए जानी जाती हैं। २००९ में कविता शुरू करने के बाद वह इंस्टाग्राम पर मशहूर हुर्इं थीं। २०१४ में उनकी किताब मिल्क एंड हनी की २५ भाषाओं में २.५ मिलियन से अधिक प्रतियां बिकीं थीं और न्यूयॉर्क टाइम्स बेस्ट-सेलर सूची में ७७ सप्ताह तक रहीं थीं। रूपी कौर का जन्म ४ अक्टूबर १९९२ को भारत के पंजाब में एक सिख परिवार में हुआ था। वे तीन साल की उम्र में अपने परिवार के साथ कनाडा आ गर्इं थीं। उन्होंने वाटरलू यूनिवर्सिटी से आर्ट्स में ग्रैजुएशन की डिग्री हासिल की है।

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