मुख्यपृष्ठनए समाचारडब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में चौकानेंवाले तथ्य : हिंदुस्थान को कचोट रहा है...

डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट में चौकानेंवाले तथ्य : हिंदुस्थान को कचोट रहा है कैंसर! …२०४० तक १० में से१ भारतीय होगा इस बीमारी का शिकार 

•  अगले दो सालों में १५ लाख के पार हो सकते हैं केस  
• अमेरिका और चीन के बाद तीसरे नंबर पर हिंदुस्थानी

सामना संवाददाता / मुंबई  
दुनिया भर में कैंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। कैंसर न केवल स्वास्थ्य, बल्कि किसी भी देश या समाज की अर्थव्यवस्था के लिए भी घातक साबित हो रहा है। इससे न केवल बहुमूल्य धन-संपदा की हानि होती है, बल्कि यह बेशकीमती मानव संसाधन की भी हानि है। हिंदुस्थान जैसे देश में जहां कैंसर की जांच-परीक्षण से लेकर उपचार तक तकनीक और सर्विसेज में बहुत सारे लोग कार्यरत हैं, आखिर क्या वजह है कि कैंसर के बढ़ते मामलों पर लगाम नहीं लगा पा रहा है? कैंसर की भयावहता को समझने के लिए यह जरूरी है कि हम वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट पर नजर डालें। इस रिपोर्ट के अनुसार, कैंसर दुनिया भर में मौत का दूसरा प्रमुख कारण है। ग्लोबल लेबल पर बात करें तो ६ में से १ मौत का कारण कैंसर से होता है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि १० में से एक भारतीय को अपने जीवनकाल में कैंसर हो जाएगा और १५ में से १ की इससे मृत्यु हो जाएगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि एशिया घातक बीमारी के वैश्विक मामलों की कुल संख्या का ४९.३ज्ञ् हिस्सा शेयर करता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि २०२०-२०४० तक एशिया में बीमारी के नए मामलों में ५९.२% की वृद्धि दर्ज की जाएगी। वहीं नेशनल कैंसर रजिस्ट्री प्रोग्राम की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष २०२० तक भारत में ६७९,४२१ पुरुष कैंसर से ग्रस्त थे। बढ़ते मामलों के आधार पर यह अनुमान लगाया गया कि वर्ष २०२५ तक यह आंकड़ा बढ़कर ७६३,५७५ तक पहुंच सकता है। वहीं कैंसर पीड़ित महिलाओं की संख्या २०२० में ७१२,७५८ थी। २०२५ तक इसके ८०६,२१८ तक पहुंच जाने का अनुमान है। इसका मतलब है कि अगले दो सालों में कैंसर के केस १५ लाख के पार हो सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और चीन के बाद इस बीमारी से सबसे अधिक पीड़ित लोगों की संख्या हिंदुस्थान में है।
सही समय पर पहचान जरूरी
कैंसर एक्सपर्ट डॉ. अपर्णा श्रीवत्स बताती हैं कि कैंसर उन बीमारियों में से है, जिनके बारे में समय से पता लग जाए तो उनके इलाज में आसानी होती है। समय से जांच या स्क्रीनिंग कैंसर की रोकथाम में अहम भूमिका निभाती है। हाल ही में आई इंटरनेशनल मेडिकल जर्नल ‘लैंसेट’ की एक रिपोर्ट भी बताती है कि अगर सही समय पर स्क्रीनिंग या जांच की जाती है तो महिलाओं में कैंसर से होने वाली ६७ फीसदी असमय मौतों को रोका जा सकता है।
भारत में सर्वाइवल रेट बहुत कम
सीनियर ऑंकोलॉजिस्ट डॉ. ऋषि गुप्ता बताते हैं कि हिंदुस्थान में ब्रेस्ट कैंसर के मामले सबसे ज्यादा सामने आ रहे हैं। दूसरे स्थान पर ओरल और थ्रॉट वैंâसर और तीसरे नंबर परलंग कैंसर के मामले हैं। डॉ. गुप्ता के मुताबिक, विकसित देशों में पहली और दूसरी स्टेज में लगभग ६० प्रतिशत कैंसर के मामलों का पता चल जाता है, जिसके कारण वहां कैंसर पेशेंट का सर्वाइवल रेट ज्यादा है।

लाइफ स्टाइल में करें सुधार
तंबाकू से परहेज करें
शरीर का वजन मेंटेन रखें
हेल्दी डाइटलेना, (अपने आहार में फल और सब्जियां शामिल करें)
फिजिकल एक्टिविटी बेहद जरूरी है
शराब पीने से बचें या कम करना
एचपीवी और हेपेटाइटिस बी के खिलाफ टीका लगवाना
पराबैंगनी विकिरण से बचना (धूप और कृत्रिम टैनिंग उपकरणों के अत्यधिक संपर्क से बचें)
स्वास्थ्य देखभाल में विकिरण का सुरक्षित और उचित उपयोग सुनिश्चित करना
बाहरी और आंतरिक वायु प्रदूषण के जोखिम को कम करना

 

अन्य समाचार