मुख्यपृष्ठनए समाचारचुनावी माहौल में जूता और स्याही!

चुनावी माहौल में जूता और स्याही!

सामना संवाददाता / मुंबई
देश की राजनीति में कुछ वर्षों में बदलाव नजर आ रहे हैं। ज्यों-ज्यों लोकसभा या विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं, नेताओं के उपर जूते-चप्पल और स्याही फेंकने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो रही है। किसी जमाने में कोई भी नेता अपने क्षेत्र में चुनाव प्रचार करने जाते थे तो जनता द्वारा फूल-मालाओं से स्वागत किया जाता था। अब फूल-मालाओं की जगह जूता-चप्पल और स्याही ने ले ली है। हाल ही में लखनऊ में समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में एक युवक ने कार्यकर्ताओं के बीच चल रहे सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पर जूता फेंका। इस मामले में गिरफ्तार युवक ने कहा कि वह स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा हिंदू धर्म को लेकर की गई टिप्पणी से आहत था। इसके अलावा घोसी विधानसभा के उपचुनाव में भाजपा के प्रत्याशी दारा सिंह चौहान के ऊपर स्याही फेंकी गई थी। जब स्याही मामले में युवक ने खुलासा किया तो हैरान करने वाली बात सामने आई। युवक ने बेबाकी से कहा कि यह सब भाजपा वालों की चाल है। भाजपा नेता प्रिंस यादव ने कहा था कि तुम स्याही फेंक दो हम लोगों का चुनाव फंस रहा है, हम लोग तुमको बचा लेंगे और ऐसा उसने प्रिंस यादव के कहने पर किया।
अगर दोनों घटनाओं पर गौर किया जाए तो साफ जाहिर होता है कि इसमें किसी न किसी की चाल है। कहीं न कहीं ये सभी घटनाएं बता रही हैं कि देश की जनता को जाति और धर्म के नाम पर तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अगर स्वामी प्रसाद मौर्य की बात करें तो वे बीते कुछ समय से हिंदू धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी कर रहे हैं, जिसके कारण वह सत्तारूढ़ दल भाजपा सहित कई धर्मगुरुओं के निशाने पर हैं। उन पर स्याही फेंकने वाली घटना ये भी इशारा कर रही है कि भाजपा अपनी खुन्नस निकाल रही हो। क्योंकि स्वामी प्रसाद मौर्य ने साल २०२२ में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले योगी आदित्यनाथ वैâबिनेट के मंत्री पद के साथ-साथ भाजपा से भी इस्तीफा दिया था। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया था कि भाजपा ने सभी वर्गों के साथ अन्याय किया है। दूसरी तरफ स्वामी प्रसाद की बेटी संघमित्रा जो भाजपा सांसद हैं, उन्होंने हाल ही में कहा था कि वो स्वामी प्रसाद मौर्य को भाजपा में वापस लाने का प्रयास करेंगी। संघमित्रा मौर्य ने कहा कि मैं चाहती हूं कि हमारे बीच की राजनीतिक दूरियां खत्म हों। अगर पार्टी निर्देश दे तो उन्हें वापस लाने की कोशिश करूंगी। मेरी वजह से पिता को कटाक्ष सुनने पड़ते हैं और पिता की वजह से मुझे सुनने पड़ते हैं। हालांकि, भाजपा आलाकमान ने शायद उनको ये अधिकार नहीं दिया और स्वामी प्रसाद मौर्य सपा का प्रचार कर रहे हैं।
उधर, स्वामी प्रसाद मौर्य पर हमले को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर हमला बोला है। अखिलेश ने कहा कि जितने भी इस तरह के मामले हो रहे हैं, उसमें भाजपा शामिल है। अभी आपने घोसी का देखा था जिसमें इंक लगा दी गई, जब जानकारी मिली उसमें भी भाजपा के लोग शामिल थे। लोग जागरूक हो गए हैं और अपने हक के लिए खड़े हो गए हैं इसलिए भाजपा के लोग ध्यान भटका रहे हैं। चुनाव से पहले भाजपा क्या करेगी किसको पता, कुछ भी होगा। ये सरकार एक कंपनी को हायर करके अपने झूठ को सच बनाना चाहती है। वो नंबर १ सिर्फ इसलिए हैं क्योंकि वो मीडिया को नंबर १ दे रहे हैं।

अन्य समाचार