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जलती रही दुकानें नहीं डाल पाए पानी

 सब कुछ बर्बाद हो गया
 कर्फ्यू का दूसरा दिन
 घरों में लोग हुए  कैद
 चप्पे-चप्पे पर जवान
 उपद्रवियों ने आग के हवाले किया

एक मामूली बात का झगड़ा इतना बड़ा रूप ले लेगा, ये किसी ने सोचा नहीं था। बारां जिले के छबड़ा में सांप्रदायिक बवाल के बाद कस्बे की सूरत बदल गई है और चारों ओर बर्बादी का मंजर पसरा हुआ है। कोई अपनी दुकान के बचे हुए सामान समेट रहा है, तो कोई अब भी दुकान से सुलग रही आग को बुझाने के लिए पानी तलाश कर रहा है। जिस इलाके में उपद्रवियों ने तांडव किया वहां हर ओर खौफ की तस्वीरें नजर आ रही हैं। उपद्रवियों को जो रास्ते में दिखा उसे ही आग के हवाले करते गए। बाइक, बस, कार जो दिखी उसमें आग लगा दी। एक तीन मंजिला मिनी मार्ट में तो रात में लोग आग बुझाने में लगे रहे। संदीप लुहाड़िया ने बताया कि उनका तीन मंजिला मिनी मार्ट है। इसमें किराना, कपड़े, फर्नीचर, कॉस्मेटिक, खिलौने सहित ढेर सारे सामान बेचते हैं। रोज की तरह सुबह मार्ट खोला था। दोपहर डेढ़ बजे माहौल खराब होने की सूचना पर मार्ट बंद किया। घर पहुंचते ही फोन आना शुरू हो गया उपद्रवियों ने मार्ट में आग लगा दी। वापस लौटकर देखा तो आंखों के सामने मार्ट में आग की लपटें उठ रही थीं और सैकड़ों उपद्रवी हाथों में हथियार लिए खड़े थे। अग्निशमन विभाग में फोन किया लेकिन दमकल नहीं पहुंची।