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शो मस्ट गो ऑन!

खिलाड़ी शब्द किसी नाम के साथ यूं ही नहीं चिपक जाता। बॉलीवुड में जब भी खिलाड़ी की बात आती है तो सामने अक्षय कुमार का चेहरा आ जाता है। बॉलीवुड में अक्षय कुमार को खिलाड़ी कुमार के नाम से भी बुलाया जाता है। अक्षय ने अपने इस खिलाड़ी नाम को साबित भी किया है। हॉलीवुड में प्रâेंचाइजी और सीक्वल फिल्में काफी पहले से बनती रही हैं। यहां बॉलीवुड में भी इसकी नकल की गई है। मगर जहां तक सफल प्रâेंचाइजी की बात है तो उसमें अक्षय कुमार का नाम सबसे आगे है। अब्बास-मस्तान ने १९९२ में एक फिल्म बनाई थी ‘खिलाड़ी’। इसमें अक्षय कुमार लीड रोल में थे। फिल्म चल निकली। अगली बारी थी मैं ‘खिलाड़ी तू अनाड़ी’। यह फिल्म सुपरहिट हो गई फिर तो मानो खिलाड़ियों की बारात ही निकल पड़ी। ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘खिलाड़ी ४२०’, ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’, और भी न जाने क्या-क्या… इस तरह की ८ खिलाड़ी प्रâेंचाइजी की कुल फिल्में अक्षय कुमार के नाम दर्ज हो गर्इं। ऐसे में अक्षय कुमार और खेल यानी गेम का कुछ नाता तो बन ही गया। इसलिए जब हाल ही में केंद्र सरकार ने देश के सबसे पॉपुलर ऑनलाइन गेम यानी खेल पब्जी को बैन किया तो अपने खिलाड़ी कुमार एक्टिव हो गए। हो सकता है टाइम पास करने के लिए लॉकडाउन में खिलाड़ी कुमार भी घर में बैठकर पब्जी का खेल खेलते रहे हों। तो अब उनकी जो हालत हुई होगी, वही इस खेल को खेलनेवाले लाखों दूसरे लोगों या बच्चों की भी हुई होगी। अब खिलाड़ी कुमार इसे कैसे बर्दाश्त करते? सो उन्होंने घोषणा कर दी कि जल्द ही वे इसका देसी वर्जन यानी फौजी गेम लेकर आएंगे। बकौल अक्षय यह गेम अगले अक्टूबर महीने में लॉन्च हो जाएगा। गेमिंग और सॉफ्टवेयर क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि एक महीने में यह गेम बनकर तैयार हो जाएगा। चूंकि सरकार ने पब्जी पर बैन लगाया है तो इसका पर्याय आना ही चाहिए। अक्षय कुमार ने इस अवसर को फट से लपक लिया। अब चूंकि अक्षय कुमार का इस गेम के साथ नाम जुड़ गया तो यह गेम आने से पहले ही चर्चा का विषय भी बन गया। इस खेल का जो पोस्टर लांच हुआ है, उसको देखकर यही लगता है कि यह पब्जी का हिंदुस्थानी संस्करण है। खबर आई थी कि केंद्र सरकार ने देश में ११८ चाइनीज ऐप्स को बैन किया है, जिसमें पब्जी भी शामिल है। हालांकि, जानकारी बताती है कि पब्जी चीनी ऐप नहीं है। अगर आप गूगल पर जाकर पड़ताल करें तो जानकारी मिलती है कि यह गेम दक्षिण कोरिया का है। हालांकि, पब्जी को बैन करने की बात समय-समय पर उठती रही है। बच्चे इस खेल के दीवाने हैं। इस गेम के कारण बहुत से बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पीछे छूट जाती है इसलिए अखबारों में अक्सर इसे बैन करने की मांग उठती रहती है। कुछ महीने पहले तो किसी बच्चे के अभिभावक ने पब्जी को बैन करने के लिए न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया था। यह गेम एक नशा-सा है। सुनने में आया है कि इसका टूर्नामेंट भी होता है, जिसमें बड़े पैसे दांव पर लगते हैं। पिछले साल हैदराबाद में नेशनल लेवल पर इसका टूर्नामेंट हुआ था, जिसके विजेता को कई लाख रुपए का इनाम भी मिला था। इस तरह से छोटे-मोटे टूर्नामेंट भी आयोजित होते रहते हैं। बच्चे टीम बनाकर इस गेम को खेलते हैं। एक खबर के अनुसार पिछले साल पब्जी ने इस देश से २१० करोड़ की कमाई की थी। अब यह कमाई कैसे हुई? यह तो नहीं पता पर आजकल ऑनलाइन का जमाना है और इस ऑनलाइन के प्रोग्राम से लोग कमाना सीख गए हैं। जो सीख गया वह कमा रहा है जो सिर्फ पूछताछ में और इस ऑनलाइन की चकाचौंध में गुम हो गया, वह गंवा रहा है। यह है ऑनलाइन की दुनिया, यहां मनोरंजन व ज्ञान से लेकर गेमिंग का अथाह सागर मौजूद है। इस सागर में पब्जी तैर रहा है। पब्जी डूबा तो फौजी आ जाएगा। बॉलीवुड के ग्रेट शो मैन ने कहा था ‘शो मस्ट गो ऑन!’ तो किरदार आते हैं, चले जाते हैं। मगर शो रुकता नहीं!!