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मेरे पिता को बदनाम करने के लिए अदृश्य शक्ति लगी है उनके पीछे! सुप्रिया सुले ने लगाया आरोप

सामना संवाददाता / मुंबई
बारामती लोकसभा क्षेत्र की सांसद सुप्रिया सुले ने कल धनकवड़ी में एक कार्यक्रम में गईं थीं। इस कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान सुप्रिया सुले भाजपा नेताओं के कामकाज को लेकर जमकर लताड़ लगाई। इस दौरान सुप्रिया सुले ने कहा कि सत्ता क्या है, मैंने यह बहुत करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि सत्ता का मतलब होता है कि आपके जीवन में अच्छा बदलाव होना चाहिए। लेकिन आज सत्ता में बैठे सांसद, विधायकों को देखो, उनमें कोई बदलाव नहीं हुआ है, ऐसे शब्दों में सत्तारूढ़ दल के लोगों की सुप्रिया सुले ने आलोचना की। उन्होंने आगे कहा कि मेरे पिता बहुत कम बोलते हैं और किसी को सलाह देने नहीं जाते। लेकिन एक अदृश्य शक्ति मेरे पिता को बदनाम करने के लिए उनके पीछे पड़ी हुई है। मैं उस अदृश्य शक्ति को नहीं जानती। लेकिन मुख्यमंत्री कहते रहते हैं कि महाराष्ट्र को कोई अदृश्य शक्ति चलाती है, उसके बाद जब मैंने सोचना शुरू किया तो कई सवाल खड़े हो गए।
उन्होंने आगे कहा कि राजनीति होनी चाहिए, लेकिन मुद्दों के आधार पर होनी चाहिए और लोगों की भलाई के लिए होनी चाहिए। परंतु आज की राजनीति की परिभाषा बदल गई है। मुद्दों की राजनीति न होकर बदले की भावना से राजनीति की जा रही है।
पिछले दिनों हमारे रोहित को ईडी के जरिए नोटिस मिली। सुप्रिया सुले ने उपस्थित नागरिकों से सवाल किया कि इससे आपके जीवन में क्या फर्क पड़ेगा, उन्होंने कहा कि राजनीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे आम लोगों का कल्याण होना चाहिए। मैं ईडी, सीबीआई के चक्कर में नहीं पड़ती, लेकिन आम जनता के उपयोग में आने वाली गैस की कीमत सरकार को कम कर देनी चाहिए, ऐसा सुप्रिया सुले ने कहा। उन्होंने कहा कि हर किसी के जीवन में सुख और दुख आते हैं। लेकिन संघर्ष में एक अलग ही मजा है। राकांपा का मामला कोर्ट में चला गया है। यह सिद्धांत, सम्मान की लड़ाई है। यह लड़ाई व्यक्तिगत नहीं है। मेरी मां ने सिखाया है और हमारी संस्कृति भी यही है। अगर आपने किसी की थाली में खाया है तो उसके खिलाफ कभी नहीं बोलना चाहिए, ऐसे शब्दों में सुप्रिया सुले ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि हमें उस दयालुता को कभी नहीं भूलना चाहिए।

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