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श्राइन बोर्ड की बढ़ी चिंता, उम्मीदों के अनुरूप वैष्णो देवी धाम में नहीं पहुंचे श्रद्धालु

सुरेश एस डुग्गर / जम्मू

वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को इस साल वैष्णो देवी आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के जो एक करोड़ के आंकड़े को छूने की थी वो वह अब पूरी होती नजर नहीं आ रही है। जिस कारण वह अब चिंता में है। उसकी चिंता का कारण आने वालों की संख्या में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होना है। इस साल अगस्त में पिछले साल की अपेक्षाकृत 1.10 लाख कम श्रद्धालुओं के आने के कारण भी उसकी चिंता बढ़ी है। जबकि जुलाई तक 3 लाख से अधिक के कारण वह बहुत खुश था।
श्राइन बोर्ड द्वारा मुहैया करवाए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले आठ महीनों में पिछले साल के मुकाबले डेढ़ लाख अधिक श्रद्धालु ही अभी तक वैष्णो देवी के दरबार में आए हैं। पिछले साल आठ महीनों में आने वालों की संख्या 63.81 लाख थी तो इस बार यह संख्या बढ़ कर 65.31 लाख हो चुकी है, जबकि पिछले पूरे साल में आने वालों का आंकड़ा 91.25 लाख था।
जैसा कि वर्ष 2023 के जनवरी माह में कुल 5,24,189 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे थे तो वहीं फरवरी माह में 4,14,432 श्रद्धालु, जबकि मार्च माह में 8,94,650 अप्रैल माह में 10,18,540 मई माह में 99,5773 जून माह में 1195844 श्रद्धालु जुलाई माह में 776800 श्रद्धालु मां के दर पहुंचे थे।
वर्ष 2022 के जनवरी माह में 438521 श्रद्धालु फरवरी माह में 361074 श्रद्धालु मार्च माह में 778669 श्रद्धालु अप्रैल माह में 902192 श्रद्धालु मई माह में 986766 श्रद्धालु जून माह में 1129231 श्रद्धालु, जबकि जुलाई माह में 907542 श्रद्धालु मां के दरबार पहुंचे थे, यानी कि वर्ष 2022 के पहले 7 माह में कुल 5503995 श्रद्धालु मां के दरबार हाजिर लगाने पहुंचे थे। और अगस्त में पिछले साल के मुकाबले 1.10 लाख श्रद्धालुओं के कम आने के कारण ही चिंता बढ़ी है। पिछले साल अगस्त में 8.77 लाख श्रद्धालु आए थे और इस वर्ष अगस्त में यह संख्या 7.10 लाख पर ही अटक गई।
हालांकि, अभी इस साल के 4 महीने बाकी हैं। जबकि आंकड़ों के बकौल, पिछले साल सितंबर से दिसंबर तक के अंत तक 27.43 लाख श्रद्धालु मां के दरबार में आए थे और अगर इस बार की यात्रा को एक करोड़ का आंकड़ा छूना है तो प्रतिदिन 30 हजार के करीब श्रद्धालुओं का आना जरूरी है। पर वर्तमान में आने वालों की संख्या के 12 से 15 हजार तक लुढ़क जाने के कारण श्राइन बोर्ड चिंता में है।
उसकी चिंता में बढ़ौतरी देश का राजनीतिक माहौल भी पैदा कर रहा है, जिसमें यह चर्चा जारी है कि देश में समय से पहले लोकसभा चुनाव हो सकते हैं। श्राइन बोर्ड के एक अधिकारी के बकौल, अगर ऐसा हुआ तो पिछले साल के आंकड़े को भी छू पाना मुश्किल हो जाएगा।

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