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सिब्बल ने की नार्वेकर के फैसले की आलोचना : ये `लोकतंत्र की जननी’ की त्रासदी है

नाटक की पटकथा बहुत पहले ही लिखी जा चुकी थी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
महाराष्ट्र की `घाती’ सरकार के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को `असली’ शिवसेना बतानेवाले विधानभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के पैâसले की जमकर आलोचना हो रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने भी इस पूरी घटना को `तमाशा’ बताते हुए नार्वेकर के पैâसले की जमकर आलोचना की है। गुरुवार को कपिल सिब्बल ने कहा कि इस नाटक की पटकथा बहुत पहले लिखी गई थी और यह सिर्फ एक `तमाशा’ था, जिसे हम देख रहे थे। उन्होंने कहा कि ये `लोकतंत्र की जननी’ की त्रासदी है।
महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने बुधवार को अपने पैâसले में शिवसेना में विभाजन के बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले धड़े के पक्ष में पैâसला सुनाया। उन्होंने दोनों गुटों के किसी भी विधायक को अयोग्य नहीं ठहराया। नार्वेकर का यह पैâसला महाराष्ट्र की `घाती’ शिंदे सरकार के पक्ष में आया। उनके पैâसले पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। तमाम राजनीतिक पार्टियों की ओर से इसे पक्षपाती बताया जा रहा है।
हम तमाशा देख रहे हैं
सिब्बल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार शिंदे गुट ही असली शिवसेना है। इस नाटक की पटकथा बहुत पहले लिखी गई थी। हमलोग इस तमाशे को होते हुए देख रहे हैं।’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, `यही इस ‘लोकतंत्र की जननी’ की त्रासदी है।’ राहुल नार्वेकर ने करीब १०५ मिनट तक आदेश के अहम बिंदु पढ़ते हुए शिंदे समेत १६ शिवसेना विधायकों को अयोग्य ठहराने की उद्धव ठाकरे गुट की याचिका भी खारिज कर दी।

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