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साइलेंट किलर! …कैंसर भी हो सकता है लक्षणहीन

• नियमित कराएं शरीर की जांच
• मुंबई के डॉक्टरों ने दी सलाह
सामना संवाददाता / मुंबई
जब कोई मरीज बीमार होता है लेकिन उसमें कोई लक्षण दिखाई नहीं देते तो उसे लक्षणहीन मरीज कहा जाता है। पिछले दो सालों में कोरोना महामारी के संदर्भ में हमने लक्षणहीन या एसिम्प्टोमैटिक शब्द कई बार सुना है। लेकिन मुंबई के डॉक्टरों की मानें तो कोरोना बीमारी की तरह ही कैंसर भी लक्षणहीन हो सकता है। ऐसे में लोगों को नियमित शरीर की जांच कराने की सलाह मुंबई के डॉक्टरों ने दी है। यदि नियमित जांच नहीं कराई गई तो वैंâसर साइलेंट किलर साबित हो सकता है।
मुंबई के डॉक्टरों का कहना है कि कई बार किडनी का कैंसर, फेफड़ों का कैंसर, पेट का कैंसर, लीवर का कैंसर जैसी बीमारियों के लक्षण दिखाई नहीं देते। यदि शरीर के इन अंगों में वैंâसर हुआ होगा तो इन संबंधित अंगों की नियमित जांच में ही यह स्पष्ट हो सकता है। मुंबई के एचसीजी कैंसर सेंटर की सीनियर मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. इंदू अंबूलकर ने बताया कि वैंâसर की बीमारी का निदान शुरुआती चरण में ही किया जाना बहुत महत्वपूर्ण होता है।

लक्षण दिखने तक न करें इंतजार
डॉक्टरों का कहना है कि कुछ जांच कैंसर के मरीजों में विशिष्ट प्रकार के कैंसर का निदान करने के लिए उपयुक्त होती हैं। कैंसर की बीमारी का निदान शुरुआती चरण में करने पर उसका इलाज करना और उसे ठीक कर पाना अधिक आसान हो सकता है। लेकिन यदि लक्षण दिखाई देने तक इंतजार किया जाए तो कैंसर बढ़कर फैल सकता है और स्वास्थ्य पर इसके गंभीर और घातक परिणाम हो सकते हैं।

जेनेटिक म्यूटेशन हो सकता है कारण
तंबाकू सेवन, धूम्रपान, शराब सेवन जैसी सेहत के लिए नुकसान करनेवाली आदतों के कारण कैंसर हो सकता है। आनुवंशिक उत्परिवर्तन (जेनेटिक म्यूटेशन) जैसे आनुवंशिक घटक भी कैंसर के लिए कारण बन सकते हैं। यदि परिवार में कैंसर की बीमारी का इतिहास रहा हो तो परिवार के प्रत्येक सदस्य को कैंसर की नियमित जांच कराना आवश्यक है।

जेनेटिक टेस्ट जरूरी
जिन मरीजों को स्तन, प्रोस्टेट, गर्भाशय, अंतड़ियों (आंत) का वैंâसर हुआ है ऐसे मरीजों के सगे और करीबी रिश्तेदारों के लिए वैंâसर की जांच कराना आवश्यक होता है। इसके लिए आनुवंशिक जांच (जेनेटिक टेस्ट) करना जरूरी है। शुरुआती मरीजोेंं को आनुवंशिक जांच करा लेनी चाहिए और यह पॉजिटिव आने पर परिवार के अन्य सदस्यों को भी जांच कराना आवश्यक होता है।

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