मुख्यपृष्ठनए समाचार...तो बावनकुले को घर-घर फिरना पड़ रहा है!...जयंत पाटील का तीखा तंज

…तो बावनकुले को घर-घर फिरना पड़ रहा है!…जयंत पाटील का तीखा तंज

सामना संवाददाता / मुंबई
राकांपा के कुछ विधायकों के अलग हो जाने से जनसमर्थन चला गया है। यह सोचने का कोई मतलब नहीं है। अगर जनसमर्थन जाने की बात सच होती तो चंद्रशेखर बावनकुले पर घर-घर जाकर यह पूछने की नौबत ही नहीं आती कि अगला प्रधानमंत्री कौन होगा? ऐसा तंज राष्ट्रवादी कांग्रेस के अध्यक्ष जयंत पाटील ने शनिवार को भाजपा पर लगाया।
राकांपा संस्थापक शरद पवार द्वारा राहुल गांधी को बारामती में आमंत्रित करने के मुद्दे पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बावनकुले ने शरद पवार की आलोचना की थी। उन्होंने आलोचना करते हुए कहा था कि राहुल गांधी को बारामती बुलाने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, शरद पवार की पार्टी का अस्तित्व खत्म हो गया है। इस पर जयंत पाटील ने उक्त जवाब दिया है। बारामती में शरद पवार एकमात्र सक्षम नेता हैं। शरद पवार के नेतृत्व के कारण पिछले २५ वर्ष से हमें सत्ता में स्थान मिला था। लगभग १८ वर्षों तक पार्टी के सभी नेता मंत्री रहे। इस बात पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है कि विवाद के कारण शरद पवार की पार्टी कमजोर नहीं, बल्कि और मजबूत हुई है।
भले ही दूसरा दल अपना दावा करे, लेकिन वह टिक नहीं सकता। शिवसेना के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है कि पार्टी विधायकों के जाने से पार्टी उसके साथ नहीं जाती है। देश में राकांपा पदाधिकारियों ने हलफनामे में अध्यक्ष के तौर पर शरद पवार का समर्थन किया है, ऐसा पाटील ने कहा। महाविकास आघाड़ी के शासनकाल के दौरान दवाओं की विकेंद्रीकृत खरीद की व्यवस्था गई थी। लेकिन मौजूदा सरकार के दौरान संबंधित मंत्रियों ने वो शक्तियां अपने पास ले ली हैं। दवाओं की खरीद के लिए महत्वपूर्ण निर्णय समय पर नहीं लिए जाने से राज्य भर में दवाओं की कमी महसूस की जा रही है। इसलिए, अगर मंत्री ताना जी सावंत कह रहे हैं कि इसके लिए मंत्री जिम्मेदार हैं, तो यह सच है इसके लिए कुछ मंत्री जिम्मेदार हैं, ऐसा पाटील ने कहा।

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