मुख्यपृष्ठग्लैमर‘तो यह अच्छा नहीं होगा!’- सलमान खान

‘तो यह अच्छा नहीं होगा!’- सलमान खान

सूरज बड़जात्या की फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से फिल्मों में कदम रखनेवाले सलमान खान की ये फिल्म जब सुपरहिट हो गई तो लगा कि कहीं वो लवर ब्वॉय की इमेज में वैâद न हो जाएं। लेकिन एक्शन हीरो के रूप में अपनी पहचान बनानेवाले सलमान खान की फिल्म ‘टाइगर’ की तीनों फ्रेंचाइजी सफल रही। हाल ही में रिलीज हुई ‘टाइगर-३’ की सफलता के बाद अब ‘टाइगर-४’ की चर्चाओं का बाजार गर्म है। पेश है, सलमान खान से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

फिल्म ‘टाइगर’ की तीनों फ्रेंचाइजी में दर्शकों को सबसे अच्छा क्या लगा?
‘टाइगर’ की सफलता इसलिए मायने रखती है क्योंकि यह ऑडियंस का फैसला है। एक व्यक्ति के रूप में अगर कोई कहानी मुझे पसंद नहीं आती लेकिन दर्शकों को वही कहानी या फिल्म पसंद आती है तो बात वहीं पर खत्म हो जाती है। जहां तक ‘टाइगर-३’ की बात है, मुझे लगता है फिल्म का जॉनर एक्शन है। सो एक्शन सीन काफी रोमांचक और टाइगर तथा जोया की केमिस्ट्री रियल लगी, ऐसा मेरा अनुमान है।

‘टाइगर-३’ के लिए आपको सबसे अच्छा कॉम्लीमेंट क्या मिला?
इंडस्ट्री के मेरे अजीज दोस्त, निर्माता और सोशल मीडिया के दोस्त अच्छी बातें कहते हैं तो अच्छा लगता है। लेकिन कॉम्प्लिमेंट्स को जरूरत से ज्यादा गंभीरता से ले लूंगा तो एक्टर के रूप में मेरी ग्रोथ कैसे होगी? जब दर्शक कहते हैं उन्हें मेरे डांस स्टेप पसंद हैं, मेरे स्वैग भी अच्छे लगते हैं तो दिल खुश हो जाता है। लेकिन तारीफ अगर सिर के भीतर चली जाए तो यह अच्छा नहीं होगा।

ऑफ स्क्रीन शाहरुख खान से आपके रिश्ते कैसे हैं?
सीधी सी बात है शाहरुख और मुझमें बॉन्डिंग है तभी तो यह बॉन्डिंग ऑन स्क्रीन नजर आती है। दो दोस्तों के दरमियान मित्रता हो तो ही सीन जबरदस्त नजर आएगा। मित्रता का असर एक साथ काम करने पर नजर आता ही है। यह बात सिर्फ ‘टाइगर-३’ तक ही मर्यादित नहीं है, हम दोनों की बॉन्डिंग हमारे करियर के शुरुआती दिनों से है।

फिल्म ‘टाइगर’ की तीनों फ्रेंचाइजी को निर्देशित करनेवाले अलग-अलग निर्देशकों से आपने क्या सीखा?
हर निर्देशक की अपनी स्टाइल होती है और हर निर्देशक ने अपने तरीके से फिल्म को लोकप्रिय बनाया। इनकी वर्विंâग स्टाइल पर डिटेल में बोलना यानी फिर एक बार तीनों टाइगर के जोन में जाने जैसा है।

आपको एक्शन पसंद है या रोमांटिक हीरो की छवि?
फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ में मुझे काम किए लगभग ३४ वर्ष हो चुके हैं। मेरे किरदार ‘प्रेम’ का रंग कभी उतरा ही नहीं। सोचता हूं रोमांटिक और साफ-सुथरी फिल्में बनाने में ‘राजश्री’ के सूरज बड़जात्या माहिर हैं। ‘राजश्री’ प्रोडक्शन की फिल्में पारिवारिक होती हैं। मेरा ‘प्रेम’ का किरदार आज तक मेरे फैंस के दिलो-दिमाग पर छाया हुआ है।

क्या आपको अपनी मारधाड़ वाली एक्शन हीरो की इमेज पसंद नहीं?
मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा। मैंने यह कहा, ‘मैंने प्यार किया’ का प्रेम एक ऐसा प्रेमी है जो युवा पीढ़ी का आदर्श बन सकता है। समाज को इस किरदार ने प्रेम और प्यार की परिभाषा समझाई है। मैं अपनी फिल्मों में एक्शन रोल करने लगा हूं। चूंकि फिल्म की कहानी एक्शन को समर्पित है। लव का एंगल होकर भी उस पर एक्शन हावी है।

आप इतने विनम्र कैसे हैं?
मैं अपना काम करने के बाद घर चला जाता हूं। मेरा सब कुछ मेरा परिवार है। फिल्म इंडस्ट्री के जितने दोस्त हैं उनसे बातचीत हो ही जाती है। किस बात की अकड़ करें? हमने कभी भाव नहीं खाया क्योंकि पिताजी के सिखाए कुछ अनुशासन थे।

क्या आपने अपनी भांजी एलिज अग्निहोत्री को अभिनय के हुनर सिखाए?
उसके फिल्म सिलेक्शन पर मुझे खुशी है। अगर संभव होगा तो मैं उसे खुद टिप्स दूंगा लेकिन जो संभलते हुए आगे बढ़ते हैं वे इंडस्ट्री के लिए बड़े होनहार निकलते हैं। अतुल अग्निहोत्री और अलवीरा दोनों इंडस्ट्री से जुड़े हैं, कुछ अभिनय की विरासत भी है। मेरी भांजी की फिल्म ‘फर्रे’ में उसका किरदार मुझे इनोसेंट सा लगा। मुझे यकीन है कि वो आगे बढ़ेगी।

‘टाइगर-४’ की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं। इसे कौन निर्देशित करेगा?
इस बारे में अभी कुछ भी तय नहीं हुआ है। ‘टाइगर-४’ आ सकती है लेकिन इट इज टू अर्ली टू से!’

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