मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनापाठकों की पाती: डेवलपर के सुस्त रवैए से लोग परेशान

पाठकों की पाती: डेवलपर के सुस्त रवैए से लोग परेशान

डेवलपर और झोपड़पट्टी रहिवासियों के बीच का झगड़ा कोई नया नहीं है। लेकिन ‘दोपहर का सामना’ में छपी एक खबर के अनुसार यह मुद्दा वापस सामने आया है। अखबार में छपी एक खबर घाटकोपर (पश्चिम) स्थित एलबीएस मार्ग पर स्लम पुनर्वास प्राधिकरण की एक परियोजना २८ साल देरी से चल रही है। इस बीच काम बहुत धीमा हुआ है। यहां तक की तीन की बजाय दो बिल्डिंग ही अभी तक बनकर तैयार हुई है। इस बीच जितना भी काम हुआ है, उसमें भी काफी कमियां हैं। अब तक दो बिल्डिंग ही बनकर तैयार हुई है और उनकी गुणवत्ता पर भी लोगों ने काफी सवाल उठाया है। शहर में ऐसे कई प्रोजेक्ट अटके हुए हैं, सरकार को इनके लिए कुछ नया और अलग सोचना चाहिए, ताकि लोगों की समस्या का तुरंत निवारण हो सके।
– कामना यादव, घाटकोपर

टोइंग वाले कर रहे हैं अवैध वसूली
पूरे शहर में पार्किंग और टोइंग का मुद्दा हमेशा से आमजनों की परेशानी का सबब रहा है। ‘दोपहर का सामना’ में प्रकाशित खबर ने ठाणे में ट्रैफिक पुलिस की जबरदस्ती और तानाशाही भरे रवैये को उजागर किया है। प्रकाशित खबर में साफ-साफ समझ आ रहा की टोइंग के नाम पर आम लोगों को तकलीफ दी जा रही है। प्रशासन को इन मुद्दों पर ध्यान देते हुए लोगों को परेशान करना बंद करना चहिए। इसके अलावा हर स्टेशन के बाहर अवैध पार्किंग की जांच उन्हें बंद करना चाहिए।
– संजय रावत, ठाणे

अन्य समाचार

लालमलाल!