मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनासमाज के सिपाही: समस्याओं से उल्हासनगर को निजात दिलाना चाहते हैं दायमा

समाज के सिपाही: समस्याओं से उल्हासनगर को निजात दिलाना चाहते हैं दायमा

अनिल मिश्रा

समस्याओं का नगर बनते जा रहे उल्हासनगर की छोटी से छोटी समस्या को सोशल मीडिया के माध्यम से तमाम अखबारों की सुर्खियां बनाने का काम उल्हासनगर के समाज सुधारक, पत्रकार शशिकांत दायमा कर रहे हैं। उल्हासनगर नगर को ‘उल्हास’ बनाने का सपना देखनेवाले दायमा अपने सहयोगियों को लेकर चिंतन-मनन में लगे रहते हैं और काफी हद तक वे इसमें सफल होते भी दिखाई दे रहे हैं। समाज के लोगों को जागरूक करने के साथ ही स्वच्छ समाज, स्वच्छ शहर के लिए जनजागृति पैदा करने की खातिर शशिकांत दायमा समाज के सिपाही की भूमिका निभा रहे हैं।

गरीब परिवार के सामान्य व्यक्ति शशिकांत दायमा की जन्मभूमि उल्हासनगर है और अपनी जन्मभूमि के लिए कुछ करने की उनमें चाह है। शायद ही कोई ऐसा राजनीतिक, प्रशासनिक अधिकारी होगा जो शशिकांत दायमा को न जानता हो। यही वजह है कि मुसीबत या किसी मुश्किल में फंसने पर हर आम व्यक्ति उन्हें याद करता है। गरीब व जरूरतमंद लोगों को दायमा काफी हद तक न्याय भी दिलाते हैं। २७ वर्ष पूर्व उल्हासनगर के कोने-कोने की समस्या को लेकर दायमा ने दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्र के प्रकाशन की शुरुआत की और आज वे मुक्त पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं।

पर्यावरण, उल्हास नदी, वालधुनी नदी के प्रदूषण को लेकर चिंतित रहनेवाले दायमा आए दिन नदी और शहर की सफाई अभियान करवाते आ रहे हैं। शहर में गिरती इमारतों और बेघर हुए लोगों को सरकार और उल्हासनगर मनपा प्रशासन से घर दिलाने के बारे में वे काफी चिंतित रहते हैं। शहर के गड्ढे, स्कायवॉक, यातायात, पानी, बिजली, सफाई, अस्पताल, पार्किंग, तृतीय पंथियों, श्मशान, चोरी, चुनाव जैसी हर तरह की समस्यारूपी मुद्दे को वे उठाते रहते हैं। उल्हासनगर के विभिन्न सामाजिक विषयों पर पिछले २० सालों से कार्य शुरू है।

८ अगस्त को उल्हासनगर शहर का स्थापना दिवस मनाने का श्रेय शशिकांत दायमा समेत उनके सहयोगियो को जाता है। इतना ही नहीं उल्हासनगर की राजनीतिक गंदगी को साफ करने की दिशा में भी शशिकांत दायमा का बड़ा योगदान रहता है। उल्हासनगर को भ्रष्टाचार मुक्त करने की दिशा में स्वच्छ छवि के लोगों को चुनने के लिए वे जनता से अपील करते रहते हैं। शहर को प्रेम करनेवाला उम्मीदवार चुनने की अपील करते रहते हैं। शहर और पर्यावरण को कैसे प्रदूषण मुक्त करें, इस दिशा में शशिकांत दायमा अथक प्रयास राज्य व शहर स्तर पर करते रहते हैं।

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