मुख्यपृष्ठस्तंभसमाज के सिपाही : निभा रहे हैं सामाजिक दायित्व!

समाज के सिपाही : निभा रहे हैं सामाजिक दायित्व!

आनंद श्रीवास्तव

पेशे से सर्जन और एक अस्पताल के निदेशक डॉ. दिनेश हेगड़े अपने डॉक्टरी पेशे में तो माहिर हैं ही, इसके साथ ही वे किसी भी तरह के मरीज का बेहतरीन इलाज कर उसे ठीक करने के अलावा दूर-दूर तक अपनी समाजसेवा के लिए प्रसिद्ध हैं। मुंबई के चेंबूर में डॉ. हेगड़े के नाम से चर्चित होने के बावजूद लोगों से सादगी भरा व्यवहार करनेवाले डॉ. दिनेश हेगड़े के परिवार को शुरुआत में संघर्षों से दो-चार होना पड़ा। उनके पिता कृष्णराज हेगड़े कर्नाटक से मुंबई आकर बस गए। वे तिलक नगर की एक चाल में रहते थे। यहीं डॉ. दिनेश हेगड़े का जन्म हुआ। स्कूली पढ़ाई जनरल एज्यूकेशन से तो डॉक्टरी पढ़ाई उन्होंने नायर मेडिकल कॉलेज से की। डॉ. हेगड़े कहते हैं कि बचपन में आर्थिक परिस्थिति खराब होने के कारण मैंने बीमार लोगों को परेशानी से जूझते हुए देखा है, इसलिए बचपन में ही मैंने पैâसला कर लिया था कि मैं बड़ा होकर डॉक्टर बनूंगा और जरूरतमंदों की सेवा करूंगा। खैर, नायर अस्पताल से एमबीबीएस और सर्जन की पढ़ाई करने के बाद नौकरी के लिए मैंने मनपा का राजावाड़ी अस्पताल चुना, जहां जरूरतमंद मरीज पहुंचते हैं। वहां मेरी मेहनत और लगन को देखते हुए रिटायरमेंट के बाद भी एक्सटेंशन देकर मुझे दोबारा बुलाया गया और मरीजों की सेवा का जिम्मा पुन: सौंपा गया, जिसे मैंने सहर्ष स्वीकार कर लिया।
सामाजिक जीवन के बारे में पूछने पर डॉ. हेगड़े कहते हैं, ‘वैसे तो मेरी डॉक्टरी ही सामाजिक कार्य के लिए शुरू हुई है, लेकिन इसके अलावा मैं हमेशा ही कोई-न-कोई सामाजिक उपक्रमों का आयोजन करता रहता हूं या किसी और के कार्यक्रम में पहुंचकर अपना योगदान देता हूं। उन्होंने बताया कि ‘कोरोना काल में जब डॉक्टरों ने मरीजों की जांच बंद करने के साथ-साथ अपना क्लिनिक बंद कर दिया था, उस दौरान मेरा हेगड़े हॉस्पिटल और पूरा स्टाफ मरीजों की सेवा में जुटा रहा। मेरा फोन चौबीसों घंटे शुरू रहता। मोबाइल से मरीजों को कॉल, वीडियो कॉल कर मैंने उन्हें दवाइयां सजेस्ट कीं। लोगों को कोविड अस्पतालों में बेड उपलब्ध करवाया। यही नहीं, कई जगहों पर कोविड जांच शिविर का आयोजन किया, जिसमें मनपा के सफाईकर्मी, चेंबूर पुलिस स्टेशन, गोवंडी पुलिस स्टेशन के पुलिसकर्मी और पत्रकारों के स्वास्थ्य की मुफ्त जांच कर उन्हें दवाइयां भी दी हैं। कोविड काल में अपनी जान जोखिम में डालकर ड्यूटी कर रहे सफाईकर्मी और जनता के बीच खबर पहुंचानेवाले पत्रकारों को राशन, अनाज किट, मेडिकल किट और विटामिन की दवाइयां देकर उन्हें सम्मानित किया है। इस तरह के अनगिनत समाजिक कार्य मैंने अपने जीवनकाल में किए हैं और इसे मैं सामाजिक कार्य नहीं, बल्कि अपना सामाजिक दायित्व मानता हूं।’

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