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लद्दाख में कुछ तो गड़बड़ है! … सेना अलर्ट; उत्तरी कमान ने कसी कमर

सामना संवाददाता / जम्मू
विस्तारवादी चीन और खुराफाती पाकिस्तान की सीमा से सटे क्षेत्रों में वैसे तो भारतीय सेना हमेशा अलर्ट मोड में ही रहती है। लेकिन एलओसी और एलएसी के आसपास के हिंदुस्थानी (लद्दाख) इलाकों में सेना अतिरिक्त अर्लट मोड में आ गई है। इसे देखते हुए ऐसी आशंका जताई जा रही है कि लद्दाख में कुछ तो लफड़ा है। उस पर भारतीय सेना के उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सोमवार को ये कह कर उपरोक्त आशंकाओं को बल दिया है कि सेना पाकिस्तान से सटी नियंत्रण रेखा (एलओसी) और चीन के साथ लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर ‘हमेशा ऑपरेशन के लिए तैयार’ है। उन्‍होंने कहा कि वे किसी को भी भारतीय सीमा में घुसपैठ करने नहीं देंगे।
बता दें कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जम्मू में तीन दिवसीय नॉर्थ टेक संगोष्ठी २०२३ में मीडियाकर्मियों से कहा, ‘हम पाकिस्तान और चीन के खिलाफ किसी भी चुनौती से निपटने के लिए एलओसी और एलएसी पर हमेशा ऑपरेशनली तैयार रहते हैं।’ वहीं इस कार्यक्रम में मौजूद लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर ब्रिगेडियर (सेवानिवृत्त) बीडी मिश्रा ने कहा कि इस क्षेत्र में चीन ने ‘एक इंच भी भारतीय भूमि पर कब्जा नहीं किया है।’ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि लद्दाख में स्थिति ‘सामान्य और बहुत अच्छी’ है। उत्तरी कमान के एक सैन्य कमांडर के रूप में, मैं जिसकी रखवाली कर रहा हूं वह हमारा क्षेत्र है और मैं किसी को भी भारतीय क्षेत्र में आने की अनुमति नहीं दूंगा।’ वहीं, लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने यह भी कहा कि जहां सेना एलओसी और एलएसी पर पूरी तरह से तैयार है, वहीं, राष्ट्रीय राइफल्स अंदरूनी इलाकों में सीआई और सीटी  ऑपरेशन (आतंकवाद विरोधी अभियान) में ‘बहुत अच्छा’ काम कर रही है।
उन्होंने बताया कि लगभग २०० आतंकवादी मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि आतंकी घुसपैठ की फिराक में हैं। पाकिस्तान में एलओसी के पार इंतजार कर रहे हैं। लेकिन हमारे सतर्क सैनिक सीमा पर तैनात हैं और हम उन्हें वहीं खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘पिछले नौ महीनों में ४६ आतंकवादी मारे गए, जिनमें से ३७ विदेशी आतंकवादी और ९ स्थानीय थे।’
राहुल गांधी ने लगाया था गंभीर आरोप
गौरतलब हो कि भारत और चीन के बीच पिछले तीन वर्षों से पूर्वी लद्दाख सीमा पर गतिरोध चल रहा है। जून २०२० में पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में एक हिंसक झड़प के बाद दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध खराब हो गए थे, जब चीनी सैनिकों के साथ हुई आमने-सामने की लड़ाई में २० भारतीय सैनिकों की मौत हो गई थी। इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में अपने ९ दिनों के लद्दाख दौरे में आरोप लगाया था कि पूर्वी लद्दाख में चीनी घुसपैठ हुई है।

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