मुख्यपृष्ठस्तंभकभी-कभी : मीना के लिए बंद हुए दरवाजे...!

कभी-कभी : मीना के लिए बंद हुए दरवाजे…!

  • यू.एस.मिश्रा

अपनों से छुपाकर किए गए कार्यों का एक-न-एक दिन अपनों के सामने पर्दाफाश हो ही जाता है। बीते जमाने में अपने पिता से छुपाकर अपनी बहन की मौजूदगी में अपने प्रेमी से निकाह करनेवाली हीरोइन ने अपने निकाह का राज अपने पिता से छुपाए रखा। लेकिन राज तो राज होता है, उसे आज नहीं तो कल खुलना ही था। आखिरकार, एक दिन भेद खुल ही गया। पिता को जब पता चला कि उसकी बेटी ने निकाह कर लिया है, तो वे तैश में आ गए और…
पिता अली बख्श से छुपाकर कमाल अमरोही से ब्याह रचानेवाली मीना कुमारी चाहती थीं कि अपने पिता का घर छोड़ने और अपनी ससुराल जाने से पहले वे अपने पिता के पास कम-से-कम दो लाख रुपए, जो उस जमाने में बहुत बड़ी रकम थी छोड़ जाएं, ताकि परिवार का गुजर-बसर आसानी से हो सके। इतना रुपया कमाने के लिए वे दिन-रात मेहनत भी कर रही थीं। लेकिन पिता के सामने कमाल अमरोही के साथ निकाह कर लेने की बात से जब पर्दा उठा तो घर में मानो भूचाल-सा आ गया। बाप-बेटी के बीच रिश्ते इतने तल्ख हो गए कि पिता अली बख्श ने बेटी से बातचीत करना भी बंद कर दिया, जिसका असर मीना कुमारी की एक्टिंग पर भी पड़ने लगा। वैâमरे के सामने वो हंसती-बोलती लेकिन घर पहुंचने के बाद गम के सागर में डूब जातीं। दोस्त, रिश्तेदार और परिवार सहित सभी मीना कुमारी पर कमाल अमरोही से तलाक लेने का दबाव बना रहे थे। एक दिन मीना कुमारी घर से शूटिंग के लिए निकल ही रही थी कि तभी अली बख्श आकर सामने खड़े हो गए और उन्होंने मीना से गरजती हुई आवाज में पूछा, ‘कहां जा रही हो?’ मीना कुमारी ने उत्तर देते हुए कहा, ‘कमाल साहब की नई फिल्म शुरू हो रही है। आज से उसकी शूटिंग है। अली बख्श ने कहा, ‘तुम वहां नहीं जा सकती?’ इस पर मीना कुमारी ने कहा, ‘क्यों?’ अली बख्श बोले, ‘मैं महबूब साहब को हां कह चुका हूं, तुम्हें उनकी फिल्म ‘अमर’ में काम करना है।’ मीना ने कहा, ‘मैं उनकी फिल्म ‘अमर’ में काम नहीं करूंगी।’ अली बख्श बोले, ‘महबूब साहब को कोई फिल्म इंडस्ट्री में ना कह सकता है? फिल्म के हीरो दिलीप कुमार हैं। अगर तुमने कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा तो इस घर के दरवाजे तुम्हारे लिए बंद हो जाएंगे।’ पिता के मुंह से ये बात सुनकर मीना कुमारी ने हथियार डाल दिए और पिता के कहे अनुसार पहुंच गर्इं फिल्म ‘अमर’ के सेट पर। फिल्म ‘अमर’ की शूटिंग शुरू हो गई। वैâमरे के सामने हंसनेवाली मीना कुमारी का दिल अंदर-ही-अंदर रोता था। इस तरह भला कोई कितने दिनों तक फिल्म की शूटिंग कर सकता था। आखिरकार, मीना कुमारी ने महबूब साहब का कॉन्ट्रैक्ट तोड़ दिया और पहुंच गईं कमाल अमरोही की फिल्म ‘दायरा’ के सेट पर। शाम को कमाल अमरोही की फिल्म की शूटिंग करने के बाद मीना कुमारी जब अपने घर वापस लौटी तो उनके घर का दरवाजा उनके लिए बंद हो चुका था। अपने लिए घर के बंद दरवाजों पर मीना सिर पटकती रहीं और उन्होंने पिता अली बख्श को समझाने का बहुतेरा प्रयास किया लेकिन अली बख्श टस-से-मस न हुए। आखिरकार, थक-हारकर मीना कुमारी अपने शौहर कमाल अमरोही के घर जा पहुंची, जहां उनके स्वागत के लिए कोई भी नहीं था। जब कमाल को मीना कुमारी के घर आने का पता चला तो वे दौड़ते-भागते हुए घर पहुंचे और अपने घर में नई-नवेली दुल्हन का उन्होंने स्वागत किया।
मीना कुमारी द्वारा फिल्म ‘अमर’ और पिता का घर छोड़ने की बात जंगल की आग की तरह सर्वत्र फैल गई। मीना कुमारी के फिल्म छोड़ते ही महबूब खान ने एक नई हीरोइन की तलाश जोर-शोर से शुरू कर दी। मीना कुमारी द्वारा फिल्म छोड़ने की बात जब राज कपूर के कानों तक पहुंची, तो उन्होंने झट से इस रोल के लिए महबूब खान को फोन घुमा दिया। राज कपूर ने अंजू के इस महत्वपूर्ण रोल के लिए महबूब खान से अभिनेत्री नर्गिस के नाम की सिफारिश की लेकिन दिलीप कुमार और मधुबाला का अफेयर उन दिनों शुरू ही हुआ था इसलिए दिलीप कुमार ने मधुबाला के नाम की सिफारिश महबूब खान से कर दी। अंतत: दिलीप कुमार की सिफारिश पर महबूब खान ने अंजू के रोल के लिए मधुबाला के नाम पर मोहर लगा दी और इस तरह फिल्म ‘अमर’ महबूब खान की पहली पसंद मीना कुमारी के हाथ से निकलकर मधुबाला की झोली में आ गिरी।

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