मुख्यपृष्ठस्तंभकभी-कभी : थप्पड़ ने बनाया हीरो...!

कभी-कभी : थप्पड़ ने बनाया हीरो…!

  • यू. एस. मिश्रा

आज अगर सेट पर उपस्थित किसी भी कलाकार अथवा व्यक्ति को कोई डायरेक्टर थप्पड़ तो क्या हाथ भी लगा दे तो हंगामा हो जाएगा। लेकिन बीते जमाने में एक डायरेक्टर ने फिल्म मेकिंग का गुर सीखने आए अपने दोस्त के बेटे को जब उसकी एक गलती पर सरेआम थप्पड़ मारा तो न कोई हंगामा हुआ और न ही दोस्त के बेटे ने चिल्लाते हुए उनसे सवाल किया कि ‘मैं इतने बड़े स्टार का बेटा हूं, आपने मुझे पब्लिकली क्यों मारा? क्या आप मुझे तनख्वाह देते हो?’ बल्कि उसने उस थप्पड़ को बर्दाश्त कर लिया और आगे चलकर वो लड़का ‘शोमैन’ के नाम से मशहूर हुआ।
केदार शर्मा के साथ कई फिल्मों में काम कर चुके पृथ्वीराज की उनसे काफी गहरी दोस्ती थी। अत: पृथ्वीराज कपूर ने बेटे राज कपूर को केदार शर्मा के पास फिल्म मेकिंग का गुर सीखने के लिए भेज दिया। राज कपूर जब भी सेट पर पहुंचते बड़े अदब से केदार शर्मा के पैर छू लेते। केदार शर्मा को ये बिल्कुल भी पसंद नहीं था लेकिन वे राज कपूर से कुछ न कहते। सेट पर केदार शर्मा ने गौर किया कि राज में दो चीजें बड़ी अजीबोगरीब हैं। एक तो ये कि वो फस्र्ट असिस्टेंट से ये पूछता कि क्लोजअप कहां से कहां तक है और दूसरा ये कि जब वो उससे कहते कि ‘आर यू रेडी विद द क्लैप’ तो वो क्लैप कम बजाता और अपने आपको कंपोज ज्यादा करता, ताकि उसका क्लोजअप आ जाए और वो फस्र्ट असिस्टेंट से कटिंग ले सके। केदार शर्मा राज की इन आदतों को ये सोचकर नजरअंदाज कर देते कि बच्चा है, शायद वो अपने आपको देखना चाहता होगा। एक दिन फिल्म के एक सीन को शूट करने के लिए केदार शर्मा यूनिट सहित घोड़बंदर जा पहुंचे क्योंकि उस जमाने में बैक प्रोजेक्शन का इस्तेमाल शुरू नहीं हुआ था। सीन में केदार शर्मा को दिखाना था कि एक राजा जिसने अपना सब कुछ गवां दिया है, सूर्यास्त के समय असहाय-सा अकेला बैठा है। इस एक सीन को शूट करने के लिए केदार शर्मा पूरे दिन वहां बैठे रहे। जब कैमरामैन ने उनसे कहा कि एक फ्रेम में सूरज और क्लोजअप दोनों आ गए हैं, तब सीन को शूट करने से पहले केदार शर्मा ने राज कपूर से हाथ जोड़कर कहा, ‘बेटे राज, आज तू दो काम नहीं करेगा। एक तो तू अपने आपको कंपोज नहीं करेगा, जिसे तू हमेशा किया करता है और दूसरा ये कि वो जो कलाकार डायलॉग बोल रहा है, उसे डिस्टर्ब नहीं करेगा।’ इस पर राज कपूर ने कहा, ‘हां अंकल।’ लेकिन अपनी जगह पर पहुंचते ही शायद वो इस बात को भूल गए और कैमरामैन के ‘एक्शन’ कहते ही वे खुद को कंपोज करने लगे और जैसे ही उन्होंने क्लैप खोला वहां चल रही हवा के कारण कलाकार की दाढ़ी उसमें फंस गई और क्लैप देने के बाद जैसे ही वो वहां से हटे नकली दाढ़ी निकलकर क्लैप में आ गई। अब बादशाह का रोल प्ले कर रहे कलाकार ने केदार शर्मा से कहा, ‘मेरी तो दाढ़ी क्लैप में चली गई। मैं डायलॉग कैसे बोलूं?’ अब गुस्साए केदार शर्मा ने राज कपूर को अपने पास आने का इशारा किया। राज कपूर को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि केदार शर्मा उन्हें क्यों बुला रहे हैं। जैसे ही वे केदार शर्मा के पास पहुंचे उन्होंने एक झन्नाटेदार थप्पड़ राज कपूर के गालों पर जड़ दिया। थप्पड़ मारने के बाद केदार शर्मा को लगा शायद राज कपूर गुस्से से उन पर चिल्ला उठेंगे लेकिन राज कपूर अपने गुरु केदार शर्मा से कुछ नहीं बोले। घटनावाली रात केदार शर्मा रात भर करवटें बदलते रहे और सोचते रहे कि ये लड़का सिर्फ डायरेक्टर ही नहीं, एक्टर भी बनना चाहता है। अगली सुबह ऑफिस पहुंचते ही केदार शर्मा ने ऑफिस में रखे टाइप राइटर पर अपने हाथों से एक कॉन्ट्रेक्ट और ५ हजार रुपए का चेक तैयार किया। हर रोज की तरह अगले दिन जब राज कपूर उनसे मिलने उनके ऑफिस पहुंचे तो पहुंचते ही उन्होंने अपनी केबिन में बैठे केदार शर्मा से कहा, ‘पापाजी, नमस्कार।’ केदार शर्मा बोले, ‘बेटे, जरा अंदर आना।’ इस पर राज कपूर ने कहा, ‘क्यों कंटीन्यूटी में दूसरी तरफ भी कुछ मार्क देना है, कल के तो अभी भी मौजूद हैं।’ अब केदार शर्मा ने कहा, ‘तू अंदर तो आ।’ और जैसे ही राज कपूर अंदर गए केदार शर्मा ने उनके हाथों में ५ हजार रुपए का चेक और कॉन्ट्रेक्ट रख दिया। बतौर हीरो कॉन्ट्रेक्ट और पांच हजार का चेक देखकर राज कपूर की आंखों से आंसू बह निकले। राज कपूर की आंखों से बह रहे आंसुओं की धार को देखकर केदार शर्मा बोले, ‘बेटे, कल जब मैंने तुझे मारा तो तू नहीं रोया, आज तू क्यों रो रहा है?’ इस पर राज कपूर ने कहा, ‘मेहरबानी करके आप मुझे लेकर फिल्म मत बनाइए। आप बर्बाद हो जाएंगे क्योंकि मैं अपने काम के प्रति गंभीर नहीं हूं?’, ‘तुम्हें अपनी अहमियत नहीं पता है राज, तुम अच्छा ही नहीं और बेहतर कर सकते हो।’ कहते हुए केदार शर्मा ने राज कपूर को अपनी फिल्म ‘नील कमल’ के लिए बतौर हीरो साइन कर लिया।

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