मुख्यपृष्ठसमाचारराजस्थान से राज्यसभा के लिए सोनिया गांधी ने भरा नामांकन

राजस्थान से राज्यसभा के लिए सोनिया गांधी ने भरा नामांकन

रमेश सर्राफ धमोरा / जयपुर

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बुधवार को राजस्थान से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया। आज दोपहर 12 बजे सोनिया गांधी कांग्रेस के कई बड़े नेताओं के साथ जयपुर में राजस्थान विधानसभा भवन पहुंचीं। उनके नामांकन के दौरान राहुल व प्रियंका गांधी भी मौजूद थे। सोनिया के जयपुर पहुंचने के बाद ही पार्टी ने उनके नाम की औपचारिक घोषणा की थी। सोनिया गांधी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की खाली हो रही सीट से राज्यसभा जाएंगी। उनके नामांकन से कांग्रेस के स्थानीय नेता खासे उत्साहित हैं। यह पहली बार है जब गांधी परिवार का कोई सदस्य राज्यसभा या लोकसभा के लिए राजस्थान से निर्वाचित होने जा रहा हो।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सोनिया का राजस्थान से राज्यसभा जाना कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाएगा। विधायक दल की बैठक में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि सोनिया गांधी के राजस्थान से राज्यसभा जाने से नया जोश पैदा होगा। राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए पूरा जोर लगा देंगे। यह राजस्थान के लिए गर्व की बात है। डोटासरा के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व सीएम अशोक गहलोत के भी भाषण हुए। सभी नेताओं ने गांधी परिवार का स्वागत करते हुए कार्यकताओं के मनोबल ऊंचा होने की बात कही।
सोनिया गांधी के निर्वाचन के बाद राजस्थान से कांग्रेस के 6 राज्यसभा सांसद हो जाएंगे। इनमें से नीरज डांगी के अतिरिक्त पांचों सांसद बाहरी हैं। विधानसभा में राज्यसभा के लिए नामांकन के बाद सोनिया गांधी दोपहर करीब एक बजे दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। उनके साथ राहुल और प्रियंका भी लौट गए हैं। इस दौरान राजस्थान कांग्रेस के कई बड़े नेता मौजूद रहे।
बीजेपी के तीसरा और कांग्रेस के दूसरा उम्मीदवार घोषित नहीं करने के कारण निर्विरोध चुनाव होगा। निर्विरोध चुनाव होने के कारण 27 फरवरी को वोटिंग नहीं होगी। 20 फरवरी को नाम वापसी की आखिरी तारीख है। इसी दिन शाम को रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है।
राज्यसभा चुनाव के फार्मूले के हिसाब से एक सीट के लिए 51 विधायकों के वोट चाहिए। बीजेपी के पास 115 विधायक हैं, इसलिए दो ही सीट जीत सकती है। तीसरी सीट जीतने के लिए बीजेपी के पास संख्या बल नहीं है। उसके पास तीसरी सीट के लिए केवल 13 वोट हैं। जीतने के लिए 38 विधायकों के वोट और चाहिए जो असंभव है। कांग्रेस के पास 70 विधायकों के वोट हैं। एक सीट पर जीत के लिए 51 वोट चाहिए इसलिए कांग्रेस के एक उम्मीदवार की जीत तय है। राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने विधायकों और वरिष्ठ नेताओं की राय के बाद रविवार को ही पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जगह सोनिया गांधी को राजस्थान से राज्यसभा उम्मीदवार बनाने की मांग का प्रस्ताव भेजा था। सोनिया गांधी ने नामांकन से पहले विधानसभा की ना पक्ष की लॉबी में कांग्रेस विधायकों के साथ बैठक की। सोनिया गांधी को नामांकन फार्म भरवाने के लिए पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी जयपुर पहुंचे थे। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली उनके प्रस्तावक बने। विधानसभा की ना पक्ष लॉबी में हुई बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा, पीसीसी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट और भंवर जितेंद्र सिंह भी बैठक में शामिल हुए।
इससे पहले बुधवार को सुबह एआईसीसी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने चार राज्यों के लिए पार्टी प्रत्याशियों की सूची जारी की थी। इनमें राजस्थान से सोनिया गांधी समेत बिहार से अखिलेश प्रताप सिंह, हिमाचल प्रदेश से अभिषेक मनु सिंघवी और महाराष्ट्र से चंद्रकांत को प्रत्याशी घोषित किया। राजस्थान में अब राज्यसभा चुनाव के प्रत्याशियों की तस्वीर पूरी तरह से साफ हो गई है। बीजेपी ने राजस्थान से अपने दो प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे हैं। इनमें मदन राठौड़ और चुन्नीलाल गरासिया शामिल हैं।

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