मुख्यपृष्ठसमाचारसोनिया गांधी का भावनात्मक पत्र, ‘मेरे परिवार को संभाल लेना’

सोनिया गांधी का भावनात्मक पत्र, ‘मेरे परिवार को संभाल लेना’

योगेंद्र सिंह ठाकुर / रायबरेली

सोनिया गांधी ने रायबरेली के निवासियों को एक भावुक कर देने वाला पत्र लिखकर कहा है कि अब खराब स्वास्थ्य के कारण चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। उन्होंने लोगों से परिवार को संभालने की अपील करते हुए कहा कि मेरा परिवार दिल्ली में अधूरा है। रायबरेली आकर आप लोगों में मिलकर ही पूरा होता है। यह नेह-नाता बहुत पुराना है और अपनी ससुराल से मुझे सौभाग्य की तरह मिला है।
उन्होंने लिखा की अब स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के चलते मैं अगला लोकसभा चुनाव नहीं लडूंगी। इस निर्णय के बाद मुझे आपकी सीधी सेवा का अवसर नहीं मिलेगा, लेकिन यह तय है कि मेरा मन-प्राण हमेशा आपके पास रहेगा। मुझे पता है कि आप भी हर मुश्किल में मुझे और मेरे परिवार को वैसे ही सँभाल लेंगे जैसे अब तक संभालते आये हैं। सोनिया की अपील से स्पष्ट हो गया है कि गांधी परिवार का ही कोई शख्य रायबरेली से चुनाव मैदान में उतरेगा।
१४ फरवरी को लिखे अपने पत्र में सोनिया ने कहा कि रायबरेली के साथ हमारे परिवार के रिश्तों की जड़ें बहुत गहरी हैं। आजादी के बाद हुए पहले लोकसभा चुनाव में आपने मेरे ससुर फीरोज गांधी को यहां से जिताकर दिल्ली भेजा। उनके बाद मेरी सास इंदिरा गांधी को आपने अपना बना लिया। तब से अब तक, यह सिलसिला जिंदगी के उतार-चढ़ाव और मुश्किल भरी राह पर प्यार और जोश के साथ आगे बढ़ता गया और इस पर हमारी आस्था मजबूत होती चली गई।
इसी रौशन रास्ते पर आपने मुझे भी चलने की जगह दी। सास और जीवनसाथी को हमेशा के लिए खोकर मैं आपके पास आई और आपने अपना आंचल मेरे लिये फैला दिया। पिछले दो चुनावों में विषम परिस्थितियों में भी आप एक चट्टान की तरह मेरे साथ खड़े रहे, मैं यह कभी भूल नहीं सकती। यह कहते हुए मुझे गर्व है कि आज मैं जो कुछ भी हूं, आपकी बदौलत हूँ और मैंने इस भरोसे को निभाने का सदैव प्रयास किया है।
आपको बता दें कि सोनिया गांधी ने बुधवार को राज्यसभा चुनाव के लिए राजस्थान से नामांकन दाखिल किया। पहली बार वह उच्च सदन में जा रही हैं। वह १९९९ से लोकसभा की सदस्य हैं। वह २००४ से रायबरेली का लोकसभा में प्रतिनिधित्व कर रही हैं।

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