मुख्यपृष्ठसमाचारसोरेन अयोग्य घोषित हुए तो भी सरकार पर खतरा नहीं!

सोरेन अयोग्य घोषित हुए तो भी सरकार पर खतरा नहीं!

रांची। राज्य में एक हफ्ते से जारी सियासी संकट के बीच गुरुवार को महागठबंधन में शामिल दलों झामुमो, कांग्रेस और राजद के दस सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला। राज्यपाल को सत्ताधारी दल के ३४ विधायकों के हस्ताक्षर के साथ सौंपे ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि अगर हेमंत सोरेन की सदस्यता पर चुनाव आयोग का मंतव्य आया है तो जल्द स्थिति स्पष्ट करें। संबंधित पत्र में कहा गया है कि मुख्यमंत्री की अयोग्यता अगर सामने आती है तब भी सरकार पर कोई इसका प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि झामुमो-कांग्रेस-राजद-निर्दलीय गठबंधन को अभी भी राज्य विधानसभा में प्रचंड बहुमत प्राप्त है। प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने राजभवन के बाहर मीडिया से कहा कि राज्यपाल ने जल्द स्थिति स्पष्ट करने को लेकर आश्वस्त किया है। राज्यपाल को संबोधित पत्र में कहा गया है कि २५ अगस्त से राजभवन के सूत्रों के हवाले से मीडिया में व्यापक रूप से यह प्रसारित किया जा रहा है कि भारत के संविधान के अनुच्छेद १९२ के तहत चुनाव आयोग से बरहेट विधानसभा क्षेत्र के विधायक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा ९-ए के तहत अयोग्य घोषित करने संबंधी पत्र राजभवन को प्राप्त हुआ है।

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