मुख्यपृष्ठसमाचारसंकट में सोरेन की सदस्यता! राज्यपाल पर टिकी सभी की निगाहें

संकट में सोरेन की सदस्यता! राज्यपाल पर टिकी सभी की निगाहें

सामना संवाददाता / रांची
बारिश के कारण खुशनुमा हुए रांची के मौसम में सियासी गर्मी का तड़का लगने लगा है। झारखंड की राजधानी रांची का सियासी तापमान बढ़ गया है। इस कारण मुख्यमंत्री आवास और राजभवन में भी सरगर्मी बढ़ी है। लोगों की दिलचस्पी चुनाव आयोग के उस कथित खत का मजमून जानने में है जिसे उन्होंने एक सीलबंद लिफाफें में झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को भेजा है। जब यह पत्र राजभवन पहुंचा, तब राज्यपाल अपने इलाज के लिए दिल्ली में थे। हालांकि, २५ अगस्त की दोपहर जब राज्यपाल बैस रांची वापस लौटे तो एयरपोर्ट पर मौजूद मीडिया से उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे किसी खत की जानकारी नहीं है। वे राजभवन जाने के बाद ही इस बारे में कुछ कहने की हालत में होंगे। चुनाव आयोग ने राज्यपाल को भेजे गए अपने पत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफ़ारिश की है। बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने हेमंत सोरेन को लोक जनप्रतिनिधित्व अधिनियम १९५१ की धारा ९-ए के उल्लंघन का दोषी पाया है।

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