मुख्यपृष्ठसमाचारपानी पीकर ४ दिन तक गुजारे दिन-रात! एयरलिफ्ट से बची जिंदगी

पानी पीकर ४ दिन तक गुजारे दिन-रात! एयरलिफ्ट से बची जिंदगी

छोड़ दी थी जिंदा लौटने की उम्मीद
जाको राखे साइयां मार सके न कोय। यह कहावत चारों तरफ नदी के पानी के बीच फंसे ४ युवकों पर सटीक बैठती है। झांसी में बेतवा नदी के बीच २ टापुओं पर फंसे चार युवकों को आर्मी ने सुरक्षित एयरलिफ्ट कर निकाला। चारों युवक बीते ५ दिनों से नदी के बीच फंसे थे। चारों १९ अगस्त को मछली मारने नदी में गए थे। तभी अचानक मध्य प्रदेश से पानी छोड़ दिया गया। इससे टापू के चारों तरफ पानी भर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि वे निकल नहीं पाए। परिवार से संपर्क भी टूट गया था। परिवारवालों की सूचना पर प्रशासन ने आर्मी को बुलाया। आर्मी की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू के लिए मैपिंग की। इसके बाद सेना के २ हेलिकॉप्टर पहुंचे। जवानों ने पहले छोटे टापू से भूरे और अशोक को एयरलिफ्ट किया। इसके करीब एक घंटे बाद दो अन्य मनीराम और हरि को भी एयरलिफ्ट कर लिया।
१९ अगस्त से टापू पर फंसे थे चारों युवक
खड़ेसर गांव से सटी बेतवा नदी पर २ टापू बने हैं। बड़े टापू पर गांव के किसानों की ८ एकड़ जमीन है। १९ अगस्त को मनीराम और हरि खेत गए थे, जबकि भूरे और अशोक मछली पकड़ने गए थे। भूरे के पिता ने बताया कि तब नदी का जलस्तर कम था। इसलिए भूरे और अशोक मछली पकड़ने के लिए छोटू टापू पर गए थे। खाने के लिए ढाई किलो आटा ले गए। शाम को नदी का जलस्तर एकदम बढ़ गया और दोनों टापू पर पंâस गए। अशोक के पास मोबाइल नहीं था। इसलिए दोनों से ५ दिन से कोई संपर्क नहीं हो पाया। बुधवार को नदी का जलस्तर एकदम और बढ़ गया। इससे परिजन घबरा गए। भूरे भी नदी में कूदने वाला था, लेकिन ग्रामीणों ने नदी किनारे से तौलिया हिलाकर उसे मना किया। इसके बाद गुरुवार को सेना की टीम ने मोर्चा संभाला।

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