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मनपा अस्पतालों में खेल, वायरल वीडियो से खुली पोल … रामभरोसे है मरीजों की सुरक्षा

डॉक्टर या नर्स से पूछे बिना खून निकाल रहे निजी लैब के लोग
सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा अस्पताल में अधिकांश गरीब मरीज ही इलाज कराने के लिए आते हैं। इन्हीं गरीब मरीजों और उनके परिजनों को हलाल करने का खेल इन अस्पतालों में शुरू है। इसी बीच वायरल हुए २१ अगस्त को सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने नायर अस्पताल की पोल खोल कर रख दी है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि एक व्यक्ति अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टर या नर्स से पूछे बिना ही गंभीर दिल के रोगी का खून निकाल रहा है। बताया गया है कि वीडियो में दिखाई देनेवाला व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि निजी लैब से जुड़ा हुआ है। साथ ही वीडियो को रिकॉर्ड करनेवाला समाजसेवक था, जिसने यह भी आरोप लगाया है कि खून निकालने वाला व्यक्ति नशे की हालत में था। इस घटना के सामने आने के बाद न केवल मनपा अस्पतालों में भर्ती मरीजों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि इन अस्पतालों में कामकाज रामभरोसे ही चल रहा है।
मरीज की मौत होने पर कौन होगा जिम्मेदार
समाजसेवी के मुताबिक, मुझे मरीजों के रिश्तेदारों से कई शिकायतें मिली थीं कि निजी लैब के लोग खून का नमूने लेने के लिए वार्डों में आते हैं। इसके अलावा यह काम सभी राज्य और मनपा अस्पतालों में किया जाता है। उन्होंने प्रशासन से यह भी सवाल किया है कि अगर किसी मरीज की मौत हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से किया इनकार
इस बीच अस्पताल प्रशासन ने आरोप से इनकार किया है। नायर अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि कुछ परीक्षण ऐसे हैं, जो अस्पताल में नहीं किए जाते हैं, जिसके बारे में मरीजों के रिश्तेदारों को सूचित किया जाता है। मरीज के परिजन उन परीक्षणों को बाहर से कराने की सहमति देते हैं तो बाहर के लोग नमूने लेने के लिए अस्पताल में आते हैं।

निजी लैब और अस्पताल के डॉक्टरों के बीच सांठ-गांठ
सूत्रों के मुताबिक, मरीजों के खून के नमूने बाहर जांच के लिए भेजने और कमीशन कमाने के लिए निजी लैब और अस्पताल के डॉक्टरों के बीच सांठ-गांठ है। प्रत्येक अस्पताल के लिए सभी निजी लैबों के व्हाट्सऐप ग्रुप हैं। उस ग्रुप के सदस्यों को खून के नमूने करने के लिए रोगियों का विवरण सौंपा गया है। हालांकि, उक्त समाजसेवी के मुताबिक, उसे गुप्त जानकारी मिली थी कि निजी लैब के अधिकारी खुलेआम मनपा अस्पतालों में जाते हैं और जांच के लिए खून के नमूने लेते हैं। २१ अगस्त को अस्पताल में मरीज के खून का नमूना लेने पहुंचे उक्त व्यक्ति को रोककर उसकी पहचान के बारे में पूछताछ करने पर पता चला कि वह एक निजी लैब से है। उसने स्वीकार किया कि उसे मरीज के खून का नमूना लेने के लिए कहा गया है।

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