मुख्यपृष्ठखेलखेल-खिलाड़ी : शीतल व आमिर के फैन क्रिकेट के भगवान!

खेल-खिलाड़ी : शीतल व आमिर के फैन क्रिकेट के भगवान!

संजय कुमार
कश्मीर में पैदा हुए दो खिलाड़ी आज परचम लहरा रहे हैं। आज दोनों ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के रूप में पहचाने जा रहे हैं। जी हां, अंतर्राष्ट्रीय जगत में शीतल एक सफल पैरा-तीरंदाज बन चुकी हैं और जम्मू-कश्मीर पैरा-क्रिकेट टीम के कप्तान आमिर एक सफल पैरा-क्रिकेट खिलाड़ी हैं। हाल ही में शीतल को इसी महीने भारत के दूसरे सर्वोच्च खेल सम्मान अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। शीतल देवी को राष्ट्रीय खेल और साहसिक पुरस्कार २०२३ के दौरान राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों यह पुरस्कार मिला। हैरानी की बात ये है कि दोनों के पास दोनों हाथ नहीं हैं। इसके बावजूद जम्मू-कश्मीर के ये दोनों खिलाड़ी-शीतल देवी और आमिर हुसैन लोन- पूरी तरह समर्थ हैं।
शीतल, जिनके हाथ मां के गर्भ में विकसित नहीं हुए और उन्हें दुनिया में पांव रखते ही अपने पांव पर खड़े होने की चुनौती मिल गई। उधर, अपने पिता के संरक्षण में आमिर अपने पैरों पर खड़े होने का प्रशिक्षण ले ही रहे थे कि आरा मशीन मील में हुई दुर्घटना में उन्होंने अपने दोनों हाथ गवां दिए। पिता के मील में घटी इस घटना के समय आमिर केवल ८ वर्ष के थे। आज शीतल १७ और आमिर ३४ वर्ष के हैं। दुनिया की नजर से जिसे हम शारीरिक अक्षमता मानेंगे वे जीवन में आगे बढ़ने के लिए संघर्ष कर रहे इन दोनों को अक्षम नहीं कर सकी या कहिए इन दोनों के हौसलों को पस्त नहीं कर सकीं। जहां बचपन में ही शीतल की मदद के लिए भारतीय सेना आगे आई, वहीं क्रिकेट के मैदान में आमिर के जुझारूपन को एक शिक्षक ने पहचाना और उन्हें क्रिकेट को करियर बनाने के रास्ते पर चलने को प्रेरित कर दिया।
२०२३ का वर्ष शीतल के लिए उपलब्धियों से भरा पूरा रहा। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। खेल में करियर के रास्ते में अपनी शारीरिक अक्षमता को आड़े नहीं आने दिया। पैरा विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली महिला ‘आर्मलेस तीरंदाज’ बनने से पहले उन्होंने चेक गणराज्य में विश्व तीरंदाजी पैरा-चैंपियनशिप २०२३ में ओपन महिला कंपाउंड तीरंदाजी स्पर्धा में रजत पदक जीता। इतना ही नहीं इस पदक के जरिए शीतल ने पेरिस २०२४ ओलंपिक खेलों में अपने लिए जगह भी हासिल कर ली। एशियन पैरा गेम्स २०२३ में शीतल ने अपना शानदार फॉर्म जारी रखते हुए व्यक्तिगत कंपाउंड और मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने महिला युगल प्रतियोगिता में रजत पदक जीता। शीतल बिना हाथों के निशानेबाजी करने वाली एकमात्र सक्रिय महिला अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाज हैं। अब उनका ध्यान देश के लिए ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने पर केंद्रित है।

पांव से गेंदबाजी और कंधे-गर्दन से बल्लेबाजी
भारत रत्न सचिन तेंदुलकर ने एक वीडियो में आमिर को क्रिकेट खेलते हुए देखा और इतना प्रभावित हुए कि प्रशंसा करते हुए उन्होंने एक्स पर लिखा–‘आमिर ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है। मैं इस वीडियो को देखकर बहुत प्रभावित हुआ हूं! इससे पता चलता है कि उनके मन में खेल के प्रति कितना प्यार और समर्पण है। उम्मीद है कि मैं एक दिन उनसे मिलूंगा और उनके नाम की जर्सी लूंगा। खेल खेलने के शौकीन लाखों लोगों को प्रेरित करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।’ दरअसल, आमिर क्रिकेट खेलते समय तेंदुलकर लिखा १० नंबर की जर्सी पहने हुए होते हैं। बिजबेहरा के वाघामा गांव के ३४ वर्षीय आमिर वर्तमान में जम्मू-कश्मीर की पैरा-क्रिकेट टीम के कप्तान हैं। आमिर २०१३ से एक पेशेवर खिलाड़ी के रूप में क्रिकेट खेल रहे हैं। एक शिक्षक ने उनके क्रिकेट खेलने की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें पैरा क्रिकेट खेलने के लिए उत्साहित किया। २०१३ में राष्ट्रीय स्तर पर खेलने के बाद २०१८ में बांग्लादेश के खिलाफ अंतर्राष्टीय मैच खेल चुके आमिर कहते हैं कि उन्हें इतने समर्पण भाव से क्रिकेट खेलते हुए देख हर कोई हैरान हो जाता है। जानकारी के अनुसार, इस संघर्षशील पैरा-क्रिकेटर की कहानी जल्द ही रुपहले पर्दे पर भी देखने को मिलेगी। आमिर ने क्रिकेट खेलने की ताकत देने के लिए ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हुए एक पत्रिका को दिए इंटरव्यू में कहा कि सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली उनके और उनकी टीम के हीरो हैं। आमिर की कामना है कि एक दिन उनकी मुलाकात देश के इन दोनों महान बल्लेबाजों से जरूर होगी।

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