मुख्यपृष्ठखेलखेल-खिलाड़ी: क्रिकेट के क्षितिज पर उभरते नए खिलाड़ी!

खेल-खिलाड़ी: क्रिकेट के क्षितिज पर उभरते नए खिलाड़ी!

संजय कुमार

विश्वकप क्रिकेट प्रतियोगिता की समाप्ति के तुरंत बाद देश में टी-२० के तहत खेली गई ५ मैचों की शृंखला में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को ४-१ के भारी अंतर से रौंद दिया। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका में भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच टी-२० के तहत खेले गए ३ मैचों की शृंखला १-१ से बराबर रही। इस सीरीज का पहला मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था, लेकिन ३ मैचों की एकदिवसीय शृंखला में भारत ने दक्षिण अफ्रीका को दक्षिण अफ्रीका में ही २-१ से हरा दिया। टीम इंडिया का ऐसा जोरदार प्रदर्शन १९ नवंबर को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विश्वकप के फाइनल में हारने के बाद बीते ३२ दिनों की अवधि में देखने को मिला है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जहां ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, यशस्वी जायसवाल, ऋतुराज गायकवाड़, रिंकू सिंह, जितेश शर्मा, श्रेयस अय्यर के बल्ले गूंजे वहीं प्रसिद्ध कृष्णा, रवि बिश्नोई, दीपक चाहर, अक्षर पटेल, अर्शदीप सिंह, मुकेश कुमार ने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के लिए जीत के रन बनाने नामुमकिन कर दिए। यहां खास बात ये है कि सूर्यकुमार, श्रेयस अय्यर और ईशान किशन को छोड़ शेष सभी खिलाड़ियों को वर्ल्डकप में खेलने का मौका नहीं मिला था।

इसके बाद दक्षिण अफ्रीका में केएल राहुल के साथ तिलक वर्मा, साई सुदर्शन और संजू सैमसन के बल्लों से भी रन बहते देखने को मिले। कुलदीप यादव ने तो टी-२० सीरीज के तहत तीसरे और आखिरी मैच में ५ विकेट लिए। कुलदीप की तरह ऐसा ही प्रदर्शन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेले गए पहले एकदिवसीय मैच में अर्शदीप सिंह ने दोहराया। इस मैच में अवेश खान ने ४ विकेट लिए। इतना ही नहीं, तीसरे और आखिरी एकदिवसीय मैच मे अर्शदीप सिंह ने एक बार फिर शानदार गेंदबाजी करते हुए ४ विकेट झटके।

क्रिकेट फैंस, इससे इत्तेफाक रखेंगे कि टीम इंडिया के पास अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में प्रदर्शन करने के लिए ११ खिलाड़ियों की एक दूसरी टीम तैयार ही नहीं, बल्कि प्रदर्शन कर रही है। इस दूसरी टीम मे कुछ खिलाड़ी तो इतने प्रतिभाशाली हैं कि वे पहली टीम के कुछ खिलाड़ियों की जगह लेने को बराबर के दावेदार लगने लगे हैं। इन दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच फर्क है तो बस सिर्फ अनुभव के साथ उम्र का ही। जहां अनुभव पहली टीम के खिलाड़ियों के हक में जाता है, वहीं उम्र दूसरी टीम के खिलाड़ियों के पक्ष में है। पहली टीम के कुछ खिलाड़ी ३० वर्ष से ऊपर के हैं, वहीं दूसरी टीम में कई सारे खिलाड़ी ३० और २५ वर्ष से भी कम के हैं। ३६ वर्ष के रोहित शर्मा और ३५ वर्ष के विराट कोहली व रविंद्र जडेजा अपने क्रिकेट करियर के चरम पर हैं। लेकिन ये भी सच है कि इन्हें अब फिटनेस के स्तर पर आनेवाले वर्षों में क्रिकेट के क्षितिज पर उभर रहे खिलाड़ियों से जबर्दस्त प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा।

खैर, वह समय जब आएगा, तब हम क्रिकेट प्रेमी एक बार फिर चर्चा कर लेंगे। फिलहाल, टीम इंडिया रोहित शर्मा की कप्तानी में आगामी २६ दिसंबर को दक्षिण अप्रâीका के खिलाफ २ टेस्ट मैचों की शृंखला का पहला मैच खेलने को तैयार है। हाल में ही रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह क्रिकेट के खेल का सबसे अच्छा फॉर्मेट है। एक खिलाड़ी के रूप आप हर दिन चुनौती चाहते हैं। ऐसे में टेस्ट मैच जीतने के लिए एक क्रिकेटर को सभी पांच दिन सर्वश्रेष्ठ खेल का प्रदर्शन करना होगा। उन्होंने आगे कहा कि टेस्ट क्रिकेट, एक व्यक्ति के रूप में, एक क्रिकेटर के रूप में और एक खिलाड़ी के रूप में असली परीक्षा है।

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